हरदा। खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) में सोयाबीन फसल के लिए भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के तहत किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
किसानों की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन हरदा द्वारा जिले में 47 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने किसानों से निर्धारित अवधि में पंजीयन कराने की अपील की है।
पंजीयन के समय ये दस्तावेज जरूरी
किसानों को पंजीयन केंद्र पर मूल किसान/सिकमी/बटाईदार का आधार नंबर, एग्रीस्टैक किसान आईडी तथा आवश्यक होने पर सिकमी/बटाई अनुबंध की प्रति साथ लानी होगी। सिकमी/बटाई अनुबंध की प्रति को ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑपरेटर द्वारा स्पष्ट रूप से स्कैन कर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के लिए वन पट्टा तथा बटाईदार किसानों के लिए सिकमी/बटाई अनुबंध 15 सितंबर 2026 से पूर्व की अवधि का और निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत होना आवश्यक है।
बैंक खाते और आधार की जानकारी रखें सही
पंजीयन के दौरान किसान अपने बैंक खाता नंबर और IFSC कोड का मिलान अवश्य कर लें। योजना के तहत भुगतान किसान के अद्यतन आधार-लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। इसलिए जिन किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, वे संबंधित बैंक में जाकर खाता आधार से लिंक कराने की प्रक्रिया पूरी करें।
भू-अभिलेख एवं आधार डाटा में किसान के नाम में त्रुटि या मिसमैच होने पर राजस्व अमले अथवा आधार पंजीयन केंद्र के माध्यम से नाम में आवश्यक संशोधन कराया जा सकता है।
आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य
भावांतर योजना में पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए किसान का आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रहेगा। आधार सत्यापन आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP अथवा बायोमैट्रिक व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए निर्धारित अवधि में अपने निकटतम पंजीयन केंद्र पर पहुंचकर सोयाबीन फसल का पंजीयन करा लें।
