# नम आंखों से नंद विहार की महारानी को दी विदाई, ज्वारों का भी विसर्जन।
**नौ दिन तक गरबा और पूजा-अर्चना से भक्तिमय रहा माहौल, शाम को 15 फीट ऊंचे रावण का किया दहन।
खंडवा। नंद विहार कॉलोनी में नौ दिनों तक चले नवदुर्गा उत्सव का समापन दशहरे पर माता की विदाई और रावण दहन के साथ हुआ। नवदुर्गा उत्सव समिति की ओर से स्थापित माता की विशाल प्रतिमा का बुधवार सुबह ज्वारों के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान कॉलोनी के रहवासी भावुक नजर आए और नम आंखों से नंद विहार की महारानी को विदाई दी।
### ढोल-ताशों के साथ निकली विदाई यात्रा
समिति अध्यक्ष पवन मेहता ने बताया कि दशहरे के दिन सुबह 9 बजे माता की विदाई के लिए कॉलोनीवासी एकत्रित हुए। कन्याएं सिर पर ज्वारे रखकर यात्रा में शामिल हुईं। यात्रा नंदविहार से होते हुए गोकुलधाम, इन्द्रपुरी, विनायक रेसिडेंसी, माता चौक, इंदिरा चौक से मुंबई बाजार, घंटाघर के रास्ते विसर्जन स्थल पदम कुंड तक पहुंची। यहां क्रेन की सहायता से माता की प्रतिमा और ज्वारों का विसर्जन किया गया।
माता जी की चल समारोह यात्रा में महिलाएं, बालिकाएं और युवा शामिल हुए। ढोल-ताशों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ नृत्य करते रहे। माता के जयकारों के बीच विदाई का माहौल श्रद्धा और भावुकता से भर गया।
नौ दिन तक गरबा और पूजा-पाठ
नवदुर्गा उत्सव के दौरान कॉलोनी में प्रतिदिन पूजा-अर्चना और आरती हुई। शाम को पारंपरिक गरबा आयोजन में बालिकाओं और महिलाओं ने उत्साह से भाग लिया। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से रहवासियों ने सामूहिक रूप से माता की आराधना की। पूरे आयोजन में कॉलोनीवासियों की भागीदारी रही।
### 15 फीट के रावण का दहन, आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान
सुनील जैन ने बताया कि माता के विसर्जन के बाद शाम 8 बजे कॉलोनी में दशहरा उत्सव मनाया गया। यहां 15 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। आकर्षक आतिशबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में रहवासी जुटे। रावण दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और गले मिलकर खुशियां साझा कीं।
इस तरह नंद विहार कॉलोनी में माता की विदाई के साथ नवदुर्गा उत्सव संपन्न हुआ, जबकि रावण दहन ने दशहरे के उल्लास को और बढ़ा दिया।
