रुड़की, 2 अक्टूबर (2026): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज रुड़की के जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में एक गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान अपर तहसीलदार शुभांगिनी, नायब नाजिर अरुण कुमार चौहान और तहसील के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति (रजि.), उत्तराखंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देशबंधु, दिनकर आर्य, प्रदीप गौतम और नरेंद्र कुमार सैनी सहित समिति के कई सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपर तहसीलदार शुभांगिनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का एक ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा। जो व्यक्ति किसी भी प्राणी से द्वेष नहीं करता, सबके प्रति मैत्री व करुणा का भाव रखता है, जो ममता और अहंकार से रहित होकर सुख-दुख में समभाव रखता है, वही वास्तव में श्रेष्ठ साधक है।” उन्होंने बापू के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देशबंधु ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए कहा कि शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति उनका समर्पण आज भी हम सभी के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने देश को ब्रिटिश गुलामी से मुक्त कराने के लिए असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे तीन बड़े ऐतिहासिक आंदोलन चलाए, जिसके परिणामस्वरूप और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के कारण देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय व तहसील प्रशासन के तमाम अधिकारी, कर्मचारी और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के सदस्य दीपेक्ष आर्य, नरेंद्र कुमार सैनी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
तहसील परिसर में मनाई गई गांधी और शास्त्री जयंती
Deepeksh Sharma Haridwar, uttarakhand
संपादकीय टीम (Editorial Team)
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