एसडीएम पुनासा श्री वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्र का दौरा कर स्वामित्व योजना के शिविरों का निरीक्षण किया
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खंडवा/”स्वामित्व योजना” के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी भूमि में अधिकार अभिलेख तैयार किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टाम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसकी संपूर्ण राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है। राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण नागरिकों को संपत्ति का सुदृढ़ दस्तावेजी अधिकार देने के साथ वित्तीय समावेशन, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी। स्वामित्व योजना के अंतर्गत हितग्राहियों की संपत्ति के आधार पर सुगमता से ऋण उपलब्ध कराने के लिए निर्मित निजी अधिकार अभिलेखों का पंजीयन किया जा रहा है ताकि पंजीयन के बाद नागरिक गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए बैंकों से ऋण प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें। इस प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए ग्राम एवं पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि इन शिविरों के आयोजन की तिथि और स्थान का व्यापक प्रचार प्रसार करें। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वामित्व अभियान की नियमित मॉनिटरिंग एवं मैदानी समीक्षा भी की जा रही है, ताकि यह अभियान निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके।
इसी क्रम में पुनासा एसडीएम श्री पंकज वर्मा ने शनिवार सुबह पुनासा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर पटवारियो द्वारा की जा रही कार्यवाही का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि “सारा” एप सुबह और शाम के समय अच्छी तरह स्पीड से कार्य करता है। इसलिए पटवारियो को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में सुबह और शाम के समय शिविर लगाएं और अधिक से अधिक ग्रामीणजनों के अभिलेख स्वामित्व योजना के तहत तैयार करें। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि उनके गांव में जब भी शिविर लगे, तो शिविरों में जाकर अपनी संपत्ति के पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज लेकर उपस्थित हों।
उल्लेखनीय है कि स्वामित्व योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया ‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से संचालित हो रही है तथा ‘संपदा’ एप पर पंजीयन अधिकारी द्वारा रजिस्ट्री का पंजीयन किया जाना है।
पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पंजीयन विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा पटवारी को निष्पादन अधिकारी नियुक्त किया गया है जबकि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ एवं एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि पंजीयन प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूरी की जा सके।

