ओंकारेश्वर बंद को जिला कांग्रेस का समर्थन, जनता के हक की लड़ाई में साथ खड़े रहने का ऐलान
19 सूत्री मांगों की अनदेखी से आजीविका पर संकट, विकास कार्यों से प्रभावित परिवारों ने किया दो दिवसीय बंद का आह्वान
खंडवा/
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में विकास कार्यों से प्रभावित परिवारों की 19 सूत्री मांगों पर सुनवाई नहीं होने और आजीविका पर संकट गहराने के विरोध में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर दो दिवसीय बंद का आह्वान किया है। प्रभावित परिवारों का कहना है की सिंहस्थ से जुड़ी विकास योजनाओं के कारण उनके सामने कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही है। इस आंदोलन को जिला कांग्रेस कमेटी ने समर्थन देते हुए जनता के साथ हर कदम पर खड़े रहने का ऐलान किया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने ओंकारेश्वर के नागरिकों की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा, “ओंकार महाराज की जय और ओंकारेश्वर की जनता की भी जय। ओंकारेश्वर में भय, डर और दबाव की जो राजनीति चल रही थी, उससे बाहर निकलकर जनता अब अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सामने आई है।” उन्होंने कहा कि जब अन्याय की सीमा बढ़ जाती है, तब जनता सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करती है। ओंकारेश्वर के लोगों ने एकजुट होकर यह साबित कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।
उत्तमपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि जिला कांग्रेस कमेटी इस संघर्ष में पहले भी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी थी, आज भी उनके साथ है और आगे भी मजबूती से साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने दो दिवसीय बंद का समर्थन करते हुए कहा कि जनता की जायज मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों ने समय रहते कोई नीति नहीं बनाई : राजनारायण सिंह
मान्धाता के पूर्व विधायक राजनारायण सिंह ने ओंकारेश्वर के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है कि एक प्रमुख तीर्थस्थल की जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसी स्थिति बन रही है। विकास कार्यों से प्रभावित लोगों के सामने आजीविका और भविष्य को लेकर संकट खड़ा है, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब विकास कार्यों की पूरी कार्ययोजना तैयार की जा रही थी, तब संबंधित जनप्रतिनिधियों, विशेषकर विधायक को प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनवानी चाहिए थी। समय रहते ठोस नीति नहीं बनाए जाने का खामियाजा आज ओंकारेश्वर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
राजनारायण सिंह ने कहा कि इस मामले में किसी एक प्रशासन या सरकार को दोष देने के बजाय मूल समस्या के समाधान पर ध्यान देना जरूरी है। सरकार चाहे किसी भी दल की हो, उसके निर्णयों को लागू करते समय जनता के हितों और भविष्य का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं ओंकारेश्वर जाकर प्रभावित लोगों से मिले हैं और इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
पूर्व विधायक ने भी दो दिवसीय बंद को समर्थन देते हुए कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी प्रभावित परिवारों की लड़ाई में पूरी मजबूती और ईमानदारी के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी।
ओंकारेश्वर में प्रस्तावित बंद के माध्यम से प्रभावित परिवार अपनी 19 सूत्री मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। अब देखना होगा कि जनआंदोलन के बाद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए क्या कदम उठाते हैं।
