विश्व में शांति एवं सभी के कल्याण हेतु जैन मंदिर में चल रहा है नौ दिवसीय कल्याण मंदिर विधान आज होगा समापन होगी पूर्णाहुति
कलश स्थापना, दीप प्रज्वलन और अष्टमंगल स्थापना के साथ प्रारंभ हुआ था विधान।
खंडवा। बजरंग चौक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विगत 8 दिनों से चल रहे कल्याण मंदिर मंडल विधान के आज समापन अवसर पर होगी पूर्णाहुति प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी नवरात्रि पर्व के साथ बजरंग चौक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 11 अक्टूबर से नौ दिवसीय कल्याण मंदिर विधान अध्यक्ष दिलीप पहाड़ियां एवं ममता कासलीवाल के मार्गदर्शन में चल रहा हें, समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन का आज सोमवार समापन होगा इस अवसर पर प्रातः काल भगवान का अभिषेक शांति धारा नित्य नियम पूजन के साथ कल्याण मंदिर मंडल विधान की पूजा की पूर्णाहुति होगी। प्रतिदिन अलग अलग पूजाकर्ता कमला रमेश रावका,संगीता पवन रावका, सपना जितेंद्र लोहाडिया, शकुंतला टीकमचंद बड़जात्या, सरोज, सुभाष, सचिन, पूजा,ममता सुनील जैन गदिया, मोक्षित मनन चंदाबाई कासलीवाल के साथ श्रद्धालु मंडल विधान की पूजा अर्चना कर अर्ग चढा रहे हैं, विधान के पहले दिन मंदिर में कलश स्थापना, दीप प्रज्वलन और अष्टमंगल स्थापना सहित विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। आयोजन में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ लिया। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि कल्याण मंदिर स्तोत्र जैन धर्म का एक अत्यंत प्रसिद्ध, चमत्कारी और पावन संस्कृत स्तोत्र है। यह स्तोत्र जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ की स्तुति में लिखा गया है। स्तोत्र का पहला शब्द “कल्याण-मंदिर” है, इसलिए इसका नाम ‘कल्याण मंदिर स्तोत्र’ पड़ा है। इसे ‘पार्श्वनाथ स्तोत्र’ या ‘पार्श्वजिन स्तोत्र’ के नाम से भी जाना जाता है।
इस स्तोत्र का पाठ करने से मन को शांति, आत्मबल और मानसिक स्थिरता मिलती है।
मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करने से भय, रोग, संकट और पापों का नाश होता है।
