महाष्टमी पर दादाजी धाम पहुंचीं मां कनकेश्वरी देवी, बोलीं- उत्सव के उल्लास के साथ विवेक भी जरूरी।
अग्नि अखाड़े की महामंडलेश्वर ने संतों के साथ किए दर्शन-पूजन, दादाजी मंदिर निर्माण पर जताई प्रसन्नता।
खंडवा।महाष्टमी के पावन अवसर पर प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत एवं कथावाचक तथा अग्नि अखाड़े की महामंडलेश्वर मां कनकेश्वरी देवी खंडवा स्थित श्री दादाजी धूनीवाले दरबार पहुंचीं। उन्होंने दर्शन-पूजन कर दादाजी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ गुजरात से आए संत भी मौजूद रहे। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी
कनकेश्वरी देवी दादाजी धाम पहुंची और बड़े दादाजी छोटे दादा जी के चरणों में नमन कर चादर एवं नैवेद चढ़ाया, साथ ही सभी के कल्याण एवं क्षेत्र की सुख समृद्धि खुशहाली के लिए धुनी माई में आहुति भी पेश की, दादाजी धाम कार्यालय में संतों का स्वागत धर्मेंद्र बजाज द्वारा किया गया। मीडिया से चर्चा में उन्होंने नवरात्रि, गुरु और शक्ति के महत्व पर विचार व्यक्त किए। साथ ही देश की हालिया घटनाओं पर संवेदना जताते हुए उत्सव के उल्लास के साथ विवेक बनाए रखने का संदेश दिया।
मां कनकेश्वरी देवी ने कहा कि वे हर वर्ष नवरात्रि में खंडवा आती हैं, लेकिन इस बार गुजरात के संतों का साथ आना विशेष रहा। यहां विभिन्न सिद्ध पीठों के अनुयायियों और संतों का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। गुरु के महत्व पर उन्होंने कहा कि गुरु चाहे स्त्री हों या पुरुष, उनका हृदय मां के समान होता है। नवरात्रि में दादाजी के दर्शन करना देवी और शक्ति, दोनों के दर्शन करने के समान है।
### उत्सव के उल्लास के साथ विवेक भी जरूरी
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि देश में कोलकाता और ग्वालियर में हुई हालिया घटनाओं पर संवेदना व्यक्त करते हुए मां कनकेश्वरी देवी ने कहा कि उत्सव मनाना स्वाभाविक है, लेकिन उत्साह के साथ विवेक का होना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने पर्वों की खुशियों के बीच संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बनाए रखने का संदेश दिया।
### दादाजी ने ली हम सबकी परीक्षा
श्री दादाजी मंदिर के निर्माण कार्य पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मां कनकेश्वरी देवी ने कहा कि यह निर्माण कब और कैसे पूरा होगा, यह केवल दादाजी ही जानते हैं। उन्होंने कहा कि दादाजी ने हम सबकी परीक्षा ली है और अब भव्य दरबार में प्रवेश का अवसर मिलने जा रहा है।
महाष्टमी पर दादाजी धाम में दर्शन-पूजन के दौरान संतों की उपस्थिति ने आध्यात्मिक समागम का वातावरण बनाया। मंदिर निर्माण को लेकर मां कनकेश्वरी देवी ने प्रसन्नता जताते हुए इसे श्रद्धालुओं के लिए विशेष अवसर बताया।
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस अवसर पर कनकेश्वरी देवी के साथ गुजरात के संतराम आश्रम गुजरात के संतों ने भी समाधी पर माथा टेक धूनीमाता में आहुति दी।
इंदौर से साथ पधारे विजय पाण्डे के साथ ही आशीष चटकेले, मदन भाऊ ठाकरे, रामचंद्र मोर्य, धर्मेन्द्र बजाज, प्रवक्ता सुनील जैन, संजय दुबे, मंगलेश शर्मा, भूपेंद्र सिंह चौहान, दीना पंवार, दिनेश पालीवाल, रितेश चौहान, मंगलेश तोमर, संतोष मालवीया, प्रदीप शर्मा, प्रफुल्ल मण्डलोई, प्रशांत मिश्रा, हर्ष शुक्ला, अखिलेश परदेसी सहित अनेक भक्त जन उपस्थित थे।
