चौमहला/झालावाड़ (आबिद मंसूरी)
झालावाड़ जिले के चौमहला नगर स्थित मल्टी स्पेशलिटी एस.एस. सोनोग्राफी हॉस्पिटल में जटिल प्रसव के मामले में डॉ. रेखा वर्मा के अनुभव और प्रयासों से ऑपरेशन के माध्यम से एक महिला ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और दोनों नवजात स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं। विषम परिस्थितियों में सफल ऑपरेशन होने पर परिजनों ने डॉ. रेखा वर्मा का आभार व्यक्त किया।
स्थानीय स्तर पर जटिल प्रसव की सुविधा से मरीजों को राहत
डॉ. रेखा वर्मा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान कई परिस्थितियों में मरीजों को लंबी दूरी की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में उपचार के लिए
भवानीमंडी या मंदसौर जैसे दूरस्थ शहरों में जाना मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। साथ ही, जटिल मामलों में यात्रा के दौरान जोखिम भी बढ़ सकता है। स्थानीय स्तर पर ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र के मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि विदेश में कार्य करने के अनुभव और वर्षों की चिकित्सकीय सेवाओं के आधार पर वे क्षेत्र में जटिल से जटिल मामलों का उपचार करने का प्रयास कर रही हैं। उनका उद्देश्य मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें उपचार के लिए दूरस्थ शहरों की ओर रुख न करना पड़े।
प्लेसेंटा से तैयार पट्टी का प्रयोग, खर्च और मेडिकल कचरा कम करने की पहल
इस ऑपरेशन की एक विशेष बात यह रही कि सामान्य पट्टी के स्थान पर मरीज की अपनी प्लेसेंटा (अपरा) से तैयार पट्टी का उपयोग किया गया। डॉ. वर्मा के अनुसार, इस प्रक्रिया से ऑपरेशन का खर्च कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, मेडिकल क्षेत्र में अपशिष्ट कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने की संभावनाएं भी हैं।चौमहला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार मरीजों के लिए राहत का विषय है। जटिल प्रसव के मामलों में स्थानीय स्तर पर उपचार की उपलब्धता से समय पर चिकित्सा सहायता मिलने का महत्व एक बार फिर सामने आया है।
