वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली कूच, निमाड़ से बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रवाना
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होंगे हरदा विधायक रामकृष्ण दोगने, जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह और शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी सहित अनेक नेता
खंडवा/
वोट चोरी के आरोप, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होने के लिए निमाड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रविवार, 11 अक्टूबर को खंडवा से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस मार्च में शामिल होने के लिए देशभर से कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, विपक्षी दलों, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला जारी है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि खंडवा से दिल्ली रवाना होने वालों में हरदा विधायक रामकृष्ण दोगने, रवि जोशी, अभिजीत शाह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) प्रतिभा रघुवंशी और रवि नाइक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हैं।
कांग्रेस की ओर से इस मार्च को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनआवाज बुलंद करने का प्रयास बताया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश में निष्पक्ष चुनाव, मताधिकार की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है।कांग्रेस की ओर से जारी संदेश में 11 अक्टूबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए कहा गया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। इसी के विरोध में 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई है।
मार्च के माध्यम से वोट चोरी के आरोपों पर कार्रवाई, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। कांग्रेस ने इसे पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर संविधान, लोकतंत्र, मोहब्बत और भाईचारे के पक्ष में एकजुट होने का अभियान बताया है।
निमाड़ से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की दिल्ली रवानगी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में जनता के वोट की अहमियत सर्वोपरि है और उसकी निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना जरूरी है।
