*पितृ मोक्ष अमावस्या पर सिंधी समाज की मातृशक्ति ने किया दीप प्रवाह*

खंडवा।सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार शाम सिंधी कॉलोनी की गली नंबर 6 स्थित श्री झूलेलाल मंदिर के बाहर बनाए गए अस्थायी कुंड में सिंधी समाज की महिलाओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना के साथ श्रद्धापूर्वक दीप प्रवाहित किए।शाम 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित इस व्यवस्था का बड़ी संख्या में समाज की मातृशक्ति ने लाभ लिया।
सिंधी समाज के प्रवक्ता कमल नागपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष श्री पिपलेश्वर झूलेलाल भजन मंडली द्वारा पितृ मोक्ष अमावस्या पर पवित्र जल में दीप प्रवाहित करने के लिए अस्थायी कुंड का निर्माण किया जाता है।यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। सिंधी समाज की महिलाएं दीपक लेकर मंदिर के समीप बने कुंड में प्रवाहित करती हैं। आसपास पवित्र जल का कोई अन्य स्रोत उपलब्ध नहीं होने के कारण यह वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या, हरिद्वार, प्रयागराज, ओंकारेश्वर सहित अनेक पवित्र तीर्थ स्थलों से लाए गए पवित्र जल को श्री झूलेलाल मंदिर स्थित कुएं में एकत्र किया जाता है। इन 27 पवित्र तीर्थ स्थलों के जल से ही अस्थायी कुंड तैयार किया जाता है। समाजजनों द्वारा श्रद्धापूर्वक एकत्र किए गए दीपकों का विधि-विधान से नदी या तालाब में विसर्जन किया जाता है।
इस धार्मिक परंपरा का उद्देश्य ज्ञात-अज्ञात पूर्वजों का स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए प्रार्थना करना है। इसी भावना के साथ सिंधी समाज द्वारा प्रतिवर्ष दीप प्रवाह के लिए अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।
इस वर्ष भी श्री पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा समाज की समस्त माता-बहनों से इस सुविधा का लाभ लेने की अपील की गई थी। इसी के चलते शनिवार शाम बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंदिर पहुंचकर अपने पितरों के निमित्त दीप प्रवाहित किए और श्रद्धा, आस्था एवं कृतज्ञता के साथ पूर्वजों का स्मरण किया।
