*संपादक/तनिश गुप्ता*
शनि अमावस्या पर प्राचीन शनि मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, तेल से किया शनिदेव का अभिषेक।
पूजन-आरती के बाद प्रसादी वितरित, परिवार सहित पहुंचे भक्तों ने किए दर्शन।
खंडवा। भवानी माता रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिर में शनिवार को शनि अमावस्या का पर्व धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने शनिदेव के दर्शन कर अपने हाथों से प्रतिमा का तेल से अभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि अश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या और शनिवार के साथ एक और दुर्लभ योग बना की आज ही के दिन मोक्षदायिनी अमावस्या का संयोग होने से पर्व का विशेष धार्मिक महत्व रहा। मंदिर में सुबह 5 बजे से श्रद्धालुओं के लिए अभिषेक और दर्शन की व्यवस्था की गई थी। दिनभर परिवार सहित पहुंचे भक्तों ने शनिदेव की पूजा-अर्चना की।
दोपहर 12:30 बजे शनिदेव का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद आरती हुई और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। रात्रि 8:00 बजे भी श्रृंगार आरती आयोजित हुई, मंदिर में श्रद्धालुओं ने शनिदेव के समक्ष शीश नवाकर सुख-शांति और परिवार के कल्याण की कामना की।
शनि दोष की शांति के लिए की पूजा-अर्चना
मंदिर के पुजारी पंडित सोनू सचिन महाराज शर्मा ने बताया कि शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर दशा, साढ़ेसाती या ढैया से प्रभावित माने जाने वाले श्रद्धालुओं ने भी मंदिर पहुंचकर शनिदेव की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार तेल अभिषेक और दान-पुण्य किया।
सौ वर्ष से अधिक पुरानी है प्रतिमा
समाजसेवी सुनील जैन निर्मल मंगवानी ने बताया कि मंदिर में स्थापित शनिदेव की प्राचीन प्रतिमा सौ वर्ष से अधिक पुरानी है। मंदिर में शनि अमावस्या और शनि जयंती उत्सव पर पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं। शनिवार को भी भक्तों ने दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
