हम जीवन में सदैव सत्य का पालन करें,कभी भी झूठ नहीं बोले, ,,संजय जी शास्त्री,,

जब तक जीवन में सत्य अवतरित नहीं होता, जीवन का मूल्य नहीं होता, सत्य ही परमेश्वर है, ,,आयुषी दीदी,,
पर्यूषण पर्व के दौरान आज मनाया जाएगा धूप दशमी पर्व।
खंडवा। सत्य की आराधना के लिए मन की अनिवार्यता पवित्रता है। सत्य पाना है तो मन को मंदिर बनाओ, तभी परमात्मा प्रकट होंगे। असत्य मन को अपवित्र बनाता है। सत्य की पहली कड़ी मानसिक पवित्रता है। जब तक जीवन में सत्य अवतरित नहीं होता जीवन का मूल्य नहीं होता। सत्य परमेश्वर है, सत्य ही भगवान है, जिसके जीवन में सत्य है उसके जीवन में भगवान है। यह उद्गगार बजरंग चौक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के दौरान उत्तम सत्य धर्म पर प्रवचन देते हुए सांगानेर राजस्थान से पधारी आयुषी दीदी ने व्यक्त किये, दीदी ने कहा कि सच्चाई के प्रति प्रेम करे, सच्चाई का सच्चे व्यक्ति का सम्मान करें यही सत्य धर्म है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि जैन धर्म में पर्यूषण पर्व को महान पर्व के रूप में माना गया है, इन दस दिनों में सामाजिक बंधु अपनी क्षमता के अनुसार पूजा पाठ, अभिषेक, मंडल विधान की पूजा के साथ उपवास रखते हैं। पर्व के पांचवें दिन कई तपस्वियों ने तीन और पांच उपपास की साधना की और 7 और 10 उपपास की ओर अग्रसर है। सुनील जैन,प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि जैन धर्म के जो उपवास होते हैं वह पूरी तरह निर्जला होते हैं, पानी, अन्न, फल, फ्रूट सभी का त्याग रहता है। सराफा जैन धर्मशाला में सत्य धर्म पर प्रवचन देते हुए संजय जी शास्त्री ने कहा कि हम जीवन में सदैव सत्य का पालन करें, कभी भी झूठ नहीं बोले, छोटी-छोटी बातों को लेकर जो झूठ बोले जाते हैं, उससे मानसिक पीड़ा होती है, राग और विषय आकांक्षा ही दुख का कारण है, सत्य धर्म हमें राग से दूर लाकर संयम पथ का मार्ग प्रशस्त करता है, व्यक्ति को पूर्वाग्रह से बचते हुए अतरंग सत्य का ज्ञान ग्रहण करना चाहिए, शास्त्री जी ने कहा कि जिसके हृदय में सत्य है उसका जीवन स्वच्छ निर्मल एवं पवित्र हो जाता है यह पवित्रता आचरण के माध्यम से आती है जैसे-जैसे व्यक्ति को लाभ होता है वैसे वैसे उनका लोभ बढ़ता जाता है। समाज के सचिव सुनील जैन, प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि इन दिनों जैन समाज के महान पर्यूषण पर्व बड़े ही धार्मिक उल्लास के साथ नगर के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में मनाए जा रहे हैं। समस्त मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ आत्म साधना के लिए तप, तपस्या की जा रही है। पर्यूषण पर्व के दौरान सराफा स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर में नित्य पूजन के साथ धर्मशाला में दसलक्षण मंडल विधान की पूजा के साथ पंडित जी के प्रवचन हो रहे हैं प्रतिदिन मंदिर में प्रात: 9:30 बजे बड़ी शांतिधारा शुद्ध जल, दूध व चंदन से की जा रही है ।
20 सितम्बर 2026 रविवार को श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सराफा में शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रीमती राजकुमारी स्व.विनय चौधरी परिवार एवं रौनक राहुल जैन परिवार को प्राप्त हुआ,स्वर्ण कलश से अभिषेक करने के सौभाग्य आयुष दिलीप पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ।
शनिवार को पुष्पदंत भगवान मोक्ष कल्याणक मनाकर पूजन के साथ भगवान का अभिषेक शांति धारा एवं निर्वाण कांड का वाचन करते हुए सभी मंदिरों में लाडू चढ़ाया गया, 21 सितंबर सोमवार को पर्व के दौरान धूप दशमी के अवसर पर जैन समाज के सभी श्रद्धालु दोपहर में परिवार सहित खंडवा के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में पहुंचकर विश्व शांति एवं सभी के कल्याणार्थ दर्शन कर धूप का खेवन करेंगे।
