जीवन में सरलता आ जाना ही उत्तम आर्जव है, हमारे जीवन में ऋजुता तभी आएगी जब हम अंदर बाहर से एक हो जाए, “संजय शास्त्री”
समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में धार्मिक उत्साह के साथ चल रहे हैं पर्यूषण पर्व,
तपस्वीयो द्वारा किए जा रहे हैं उपवास कई श्रद्धालुओं के शुक्रवार तक तीन उपवास हुए।
खंडवा।। इन दोनों दिगंबर जैन धर्मावलंबियों का आत्मशुद्धि का दस दिवसीय पर्यूषण पर्व नगर में पूरी धार्मिक प्रभावना के साथ मनाया जा रहा है, शुक्रवार को पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म धार्मिक प्रभावना के साथ मनाया गया, समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि जैन धर्म में पर्युषण को महान पर्व के रूप में माना गया हे, खंडवा के सराफा स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर,बजरंग चौक स्थित महावीर जैन मंदिर, नवकार नगर स्थित मुनीसुव्रतनाथ जैन मंदिर, सेठी नगर चंद्रप्रभु जैन मंदिर, इंदौर रोड कहान आदिनाथ जैन मंदिर,मोधट रोड छात्रावास आदिनाथ जैन मंदिर में पर्व धार्मिक उत्साह पूजा अर्चना के साथ बनाए जा रहे हैं, मुख्य आयोजन सराफा स्थित पोरवाड़ दिगम्बर जैन धर्मशाला में बांसवाड़ा से पधारे संजय शास्त्री के सानिध्य में मनाया जा रहा है, प्रतिदिन प्रातः काल, भगवान का अभिषेक शांति धारा दसलक्षण धर्म की पूजा के साथ ही दस धर्म पर संजय शास्त्री के प्रवचन भी चल रहे हैं, पर्व के तीसरे दिन शुक्रवार को उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन देते हुए श्री शास्त्रीजी ने कहा कि जीवन में सरलता आ जाना ही उत्तम आर्जव है, ऋजुता के भाव होना ही आर्जव है,हमारे जीवन मे ऋजुता तभी आएगी जब हम अन्दर बाहर से एक हो जाए, मन ,वचन ,काय में समानता आना ही आर्जव भाव है, हमारे भावों में जितनी सरलता आती जाएगी हमारी दुर्गतियों का नाश होता जाएगा, शास्त्र में कहा भी गया है कि ,,उत्तम आर्जव कपट मिटावे,दुर्गति त्याग सुगति उपजावे, बजरंग चौक स्थित पावर दिगंबर जैन मंदिर में पर्व के दौरान सांगानेर राजस्थान से पधारी आयुषी और वारीधी दीदी द्वारा संगीतमय पूजन करवाया जा रहा है साथ ही उनके द्वारा प्रवचन भी दिए जा रहे हैं, इस अवसर पर आयुषी दीदी ने कहा कि जैन धर्म में प्रदूषण पर्व को आत्म शुद्धी कल्याण का पर्व माना गया है, जैन धर्म अपने आप में जीवन जीने की कला का माध्यम है धर्म की आराधना एवं 10 धर्मो के पालन से हमारा कल्याण हो सकता है, हमारे युवा पीढ़ी को भी हम धर्म और संस्कृति से जोड़े रखें,
पोरवाड़ समाज के मीडिया प्रभारी प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि जैन समाज में निरंतर धर्म प्रभावना चल रही है, दशलक्षण पर्व पूजन में प्रतिदिन प्रात: अभिषेक पूजन दसलक्षण धर्म की पूजा के साथ श्री शास्त्री के प्रवचन प्रातः 8.15 बजे से 9.15,प्रातः 9.30 श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में शांतिधारा,अभिषेक की क्रिया पंडित निखलेश जैन के सानिध्य,कांतिलाल जैन,प्रतीशा अचल जैन के मधुर भजन के साथ संपन्न हो रहें है,शुक्रवार को मंदिर जी मे श्रीजी की शांतिधारा करने का सौभाग्य अयांश प्रेमांशु चौधरी परिवार एवं विलास चाकरे परिवार को प्राप्त हुआ।पर्व के तीसरे दिन तपस्वियो द्वारा तीन उपवास की तपस्या की गई जो निरंतर जारी है।
इस अवसर पर वीरेंद्र भटयांण,चौथमल जैन,पुष्पेंद्र जैन,सुधांशु चौधरी,कैलाश पहाड़िया,प्रेमांशु जैन,सुनील जैन, अधिवक्ता, रविन्द्र जैन,देवेंद्र सराफ,चिंतामण जैन,डॉ राजीव जैन,अपूर्व जैन,प्रशांत जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
