हलछठ पर महिलाओं ने की संतान की दीर्घायु और खुशहाली की कामना।
खंडवा। संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर गुरुवार को महिलाओं ने हलछठ (हलषष्ठी) का व्रत रखा। शहर में अलग-अलग स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से हलषष्ठी माता का पूजन किया और कथा सुनी।
भादों मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर मनाए जाने वाले इस व्रत में महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजन में छिउल, कांस, झरबेरी की डाल, मिट्टी के कुल्हड़, चूड़ी, खिलौने, भूने चने, गेहूं, लावा, महुआ, शक्कर के खिलौने और मेवे सहित अन्य सामग्री शामिल की गई।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि महिलाओं ने अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार बजरंग चौक स्थित मुनि बाबा के मंदिर में हलषष्ठी माता की पूजा की और कथा सुनी, पूजा के बाद महिलाओं ने घर की बड़ी-बूढ़ी महिलाओं और बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। व्रत के दौरान महिलाओं ने एक समय फलाहार करने के नियम का पालन किया।
मुनिबाबा मंदिर के पं. नवीन शर्मा ने बताया कि भादों मास की षष्ठी को हलषष्ठी व्रत मनाने की परंपरा है। पुत्रवती महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष माना जाता है। इस दिन बिना हल चली भूमि में उपजे अन्न और सात प्रकार की भाजी सहित महुआ पत्ते का उपयोग करने की परंपरा है। सुनील जैन ने बताया कि
गणेश महोत्सव में कई त्यौहार मनाए जाते हैं, बड़ी संख्या में महिलाएं बजरंग चौक स्थित मुनि बाबा के मंदिर में आकर पूजा अर्चना करती है साथ ही पंडित नवीन शर्मा एवं वेंकटेश शर्मा के द्वारा की जाने वाली वाली कथा का लाभ भी प्राप्त करती हें।
नंदेश्वर महादेव मंदिर में भी हुआ सामूहिक पूजन
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि नंदविहार कॉलोनी स्थित नंदेश्वर महादेव मंदिर में भी महिलाओं ने हलछठ का व्रत रखकर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने हलषष्ठी माता की कथा सुनी तथा भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का पूजन कर संतान की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना की।
