सोयाबीन के भाव में ₹400-500 का अंतर, आखिर किसान अपनी मेहनत का उचित दाम कैसे पाए?
उपज का सही मूल्य दिलाने की मांग को लेकर मंडी पहुंचे जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह, बोले—किसानों के साथ अन्याय हुआ तो करेंगे बड़ा जन आंदोलन
खंडवा/
दिन-रात खेतों में मेहनत, बढ़ता खेती का खर्च और उपज बेचने की बारी आने पर दाम में भारी अंतर। जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि किसानों की इसी परेशानी को लेकर शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह खंडवा अनाज मंडी पहुंचे। किसानों ने फोन कर सोयाबीन के भाव में एक ही दिन के भीतर करीब 400 रुपए तक का अंतर आने की शिकायत की थी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सिंह मंडी पहुंचे, किसानों से चर्चा की और सोयाबीन की नीलामी का जायजा लेकर मंडी सचिव से उचित कार्रवाई की मांग की।
‘खून-पसीना बहाने वाले किसान को उसकी उपज का सही दाम मिलना चाहिए’
जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कहा कि किसान महीनों तक खेतों में मेहनत करता है, फसल तैयार करने के लिए पैसा लगाता है और तमाम मुश्किलों का सामना कर अपनी उपज मंडी तक लाता है। ऐसे में जब फसल बेचने का समय आता है, तब उसे उचित भाव मिलना बेहद जरूरी है। यदि सोयाबीन के दाम में एक दिन के भीतर 400 से 500 रुपए तक का अंतर आ रहा है, तो यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भाव में 100 से 200 रुपए तक का अंतर समझ में आता है, लेकिन 400 से 500 रुपए का अंतर किसानों के लिए बड़ा सवाल खड़ा करता है। आखिर अपनी मेहनत और लागत लगाकर उपज तैयार करने वाले किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य क्यों नहीं मिलना चाहिए? किसानों की मेहनत का सम्मान होना चाहिए और उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी तरह के अन्याय का सामना नहीं करना पड़े।
“नीलामी स्थल पर पहुंचकर लिया जायजा, मंडी सचिव से की चर्चा”
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि किसानों की शिकायत मिलने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह उस स्थान पर पहुंचे, जहां सोयाबीन की नीलामी हो रही थी। उन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद मंडी सचिव से मुलाकात कर किसानों की समस्या रखी। उन्होंने कहा कि मंडी में उपज बेचने आने वाले किसानों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए और भाव में आ रहे भारी अंतर की समस्या का निराकरण किया जाना चाहिए।
“किसानों के साथ अन्याय हुआ तो सड़क पर उतरेंगे”
उत्तमपाल सिंह ने स्पष्ट कहा कि किसान की मेहनत और उसके अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। यदि इस मामले में किसानों के साथ अन्याय होता है और उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तो वे किसानों के साथ मिलकर बड़ा जन आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज उठाना और उनके हितों की रक्षा करना जरूरी है। सोयाबीन के भाव में अंतर से परेशान किसानों को राहत मिले और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए प्रशासन और मंडी प्रबंधन को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह के साथ पीड़ित किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
