ओंकारेश्वर में भय का माहौल, लोगों की रोजी-रोटी उजाड़ने नहीं देंगे: उत्तमपाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रेसवार्ता में सरकार को घेरा, बोले- पट्टे होने के बावजूद मकान तोड़ने की तैयारी; सांसद-विधायक अब जेसीबी के सामने खड़े हों
खंडवा/ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर में प्रस्तावित विस्तार योजना और मकान-दुकानों को हटाने की चर्चाओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने ओंकारेश्वर में प्रेसवार्ता कर कहा कि ओंकारेश्वर में लंबे समय से भय का वातावरण बना हुआ है और अब यह दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को उनकी जमीन, मकान और रोजी-रोटी से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।
उत्तमपाल सिंह ने कहा कि पहले ममलेश्वर लोक के नाम पर योजना लाई गई थी, जिसका लोगों के विरोध के बाद निरस्त किए जाने का पत्र भी जारी हुआ था। अब कुछ महीनों बाद विस्तार योजना के नाम पर फिर लोगों में दहशत पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर वे खड़े हैं, वहां कई परिवारों के पट्टे हैं और लोग पांच-छह पीढ़ियों से रह रहे हैं। इसके बावजूद करीब 92 से 98 मकानों को हटाए जाने की बात सामने आ रही है। पार क्षेत्र में भी करीब 50 मकानों पर संकट बताया जा रहा है।
‘लोगों को पहले बताएं, किसका क्या जाएगा’
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार को सबसे पहले पूरी योजना सार्वजनिक करनी चाहिए। लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि कहां सड़क, विकास या अन्य निर्माण प्रस्तावित है और किसका मकान-दुकान प्रभावित होगा। उन्होंने 15 सदस्यीय कमेटी के गठन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस कमेटी के पास निर्णय लेने का कोई स्पष्ट अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि निर्णय सांसद, विधायक, कलेक्टर और एसडीएम जैसे जिम्मेदार अधिकारियों को लेना चाहिए, न कि ऐसी कमेटी बनाकर जनता को भ्रमित किया जाए।
पट्टे की घोषणा के बावजूद लोग वंचित
उत्तमपाल ने कहा कि ओंकारेश्वर में भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार है। सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भाजपा के हैं। चुनाव के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पट्टे देने की घोषणा की थी, लेकिन आज भी अनेक लोग पट्टों से वंचित हैं। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों के पास पट्टे हैं, उनके मकानों को रातों-रात सर्वे कर हटाने की बात क्यों की जा रही है?
उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में लोगों की आजीविका खेती से नहीं बल्कि मंदिर और उससे जुड़ी छोटी दुकानों, फूल-प्रसाद सहित अन्य व्यवसायों से चलती है। ऐसे में मकान और दुकान हटाने से केवल निर्माण नहीं टूटेगा, बल्कि परिवारों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होगी।
‘स्वेच्छा से जमीन दें तो बात अलग, जबरन कार्रवाई मंजूर नहीं’
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से विकास कार्य के लिए अपनी जमीन या मकान का कुछ हिस्सा देना चाहता है तो सरकार उससे बातचीत करे। सड़क चौड़ीकरण के लिए कोई व्यक्ति दो या पांच फीट जमीन स्वेच्छा से देता है तो उसका सम्मान होना चाहिए। लेकिन जबरन मकान-दुकान तोड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूर्व विधायक राजनारायण सिंह के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी सड़क चौड़ीकरण के लिए लोगों से सहमति से जमीन ली गई थी और आज भी वहां उनका व्यापार चल रहा है।
‘सांसद-विधायक अब जेसीबी के सामने खड़े हों’
उत्तमपाल सिंह ने भाजपा के सांसद और विधायक को घेरते हुए कहा कि चुनाव और पूजा के समय जनता के साथ खड़े रहने की बातें की जाती हैं, लेकिन अब वास्तव में जनता के साथ खड़े होने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, “माननीय विधायक महोदय और सांसद महोदय, अब आपको जेसीबी के सामने खड़े होने का समय आ गया है। जनता के साथ रहिए।”
उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर की जनता के साथ घोर अन्याय हो रहा है। सरकार को विकास कार्य जरूर करना चाहिए, लेकिन जनता को विश्वास में लेकर। लोगों के हित और विकास, दोनों के बीच संतुलन बनाकर ही योजना लागू की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों को याद रखना चाहिए कि उन्हें सत्ता तक पहुंचाने में ओंकारेश्वर की जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि जनता के साथ अन्याय हुआ तो आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी। इस अवसर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह,नगर अध्यक्ष चंपा बाई, मंडल अध्यक्ष चंद्रकांत माहिल्या, यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सोनू बोरकर , नेता प्रतिपक्ष राजेश यादव , पूर्व नगर अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल , महेश यादव , अनुराज जोशी ,अनिल सोने , दिलीप ग्वाले, पूर्व पार्षद धनसिंह भाई सहित पीड़ित परिवार , कांग्रेसजन एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
