पिंजरे में तोता, निशाने पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
घंटाघर पर भैंस के आगे बीन बजाकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, बोले—इसी तोते में बसी है ज्ञानेश्वर की जान

ज्ञानेश कुमार के इस्तेफे को लेकर कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर किया जमकर प्रदर्शन, कहा भाजपा चुनाव चोरी करके जीत रही है
खंडवा/
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने पिंजरे में बंद तोता लेकर और भैंस के आगे बीन बजाकर केंद्र सरकार एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि बुधवार को शाम 4 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी भवन में एकत्रित हुए। यहां से पैदल मार्च शुरू हुआ, जो बॉम्बे बाजार, केवलराम पेट्रोल पंप होते हुए घंटाघर पहुंचा। घंटाघर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर प्रतिभा रघुवंशी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगे व्यक्ति को हाथों में जंजीर लगाए लेकर चलती नजर आईं। वहीं पिंजरे में बंद तोते को प्रतीक बनाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तंज कसते हुए कहा—”इसी तोते में बसी है ज्ञानेश्वर की जान।” इसके बाद भैंस के आगे बीन बजाकर कांग्रेस ने सरकार और चुनाव आयोग पर कटाक्ष किया।
इस अवसर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि बचपन में हमने एक कहानी सुनी थी कि राजा की जान तोते में अटकी हुई होती है। इसलिए आज कांग्रेस पार्टी के खंडवा की इकाई ने एक ज्ञानेश-रूपी तोता बनाया और उसको हमने पिंजरे के अंदर कैद किया जिसकी जंजीरें मोदी के हाथ में थीं। यह देश में इस बात को समझना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी ने जंग-ए-आजादी की लड़ाई लड़ने के बाद वोट का अधिकार अंग्रेजों से छीना था। आज स्वतंत्र भारत में मोदी जी ने एक बार फिर इस देश के संविधान को और उसके लोकतंत्र की आत्मा पर न केवल प्रहार किया है, उसकी जड़ों को खत्म करने का प्रयास लगातार 12-13 वर्षों से कर रहे हैं। राहुल गांधी जी ने 15 महीनों से लगातार इस बात को उठाया है कि यह जो ज्ञानेश कुमार जी हैं, यह न केवल लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काटते हैं, बल्कि फर्जी मतदान कराने में भी सहायक बनते हैं। यह जिंदा आदमी को भूत करार देते हैं। और कांग्रेस पार्टी ने आपने देखा राहुल गांधी परसों किस तरीके से लोगों के बीच में मिले। वहां 700 से ज्यादा लोग थे, उसमें से एक आदमी का नाम बचा, सबका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया।
श्री रघुवंशी ने कहा कि खंडवा में भी कई लोग हमें ऐसे मिले हैं जो एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया के पहले तो मतदाता सूची में मतदान दे रहे थे, लेकिन एसआईआर की सूची में उनका नाम गायब हो गया। वे लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। तो स्वतंत्र भारत में हमारी मांग है कि पहले तो लोकतंत्र को खत्म जो भारतीय जनता पार्टी और मोदी जी मिलकर कर रहे हैं, इसको हम खत्म नहीं होने देंगे। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा, तत्काल प्रभाव से एसआईआर की प्रक्रिया को बंद करना होगा और जितने 13 करोड़ लोगों के नाम जो बंगाल में, दूसरी जगह एसआईआर के माध्यम से काटे गए हैं, वे वाजिब हैं, उनके नामों को जोड़ना चाहिए। हम एक भैंसा भी ज्ञानेश कुमार के रूप में बनाकर लाए थे। लगातार हम उनसे कह रहे हैं कि वोट चोरी बंद करो-बंद करो, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं हैं। इसलिए सुनने को तैयार नहीं हैं क्योंकि यह ज्ञानेश कुमार जी को जो संरक्षण मिला है, वह इस देश के प्रधानमंत्री का मिला है। हमने इनको एक उपाधि भी दी है कि 420 करने का धारा लगती है कैदी पर जब वह हेराफेरी करता है, यह तो 840 कर रहे हैं। लोगों का नाम भी काट रहे हैं और उनका नाम गायब भी कर रहे हैं, जिंदा आदमियों को भूत बना रहे हैं। तो कांग्रेस पार्टी फिर से यह मांग करती है कि मोदी जी, आपकी लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश को हम सफल नहीं होने देंगे। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा, एसआईआर को बंद आपको करना पड़ेगा।”
इस अवसर पर डॉ मुनीश मिश्रा ने कहा कि हम लोग इल्जाम लगाते थे कि वोट चोरी कर रहे हैं, परंतु जिस तरह से अभी उजागर हुआ है और खुद चुनाव आयोग में जो दो चुनाव आयुक्त लोग हैं, उन्होंने यह उजागर किया है कि ये चोरी नहीं कर रहे हैं, यह डकैती कर रहे हैं। न केवल वोटों की डकैती कर रहे हैं, बल्कि खुलेआम इस तरह से अधिकारों की डकैती कर रहे हैं, जिससे कि पूरे प्रजातंत्र का कोई अस्तित्व ही समाप्त हो जाए। हम लोगों का सबका विरोध था और हमारे नेता, विशेष तौर से हमारे नेता राहुल गांधी का यह आरोप है कि इस तरह के चुनाव आयोग को भंग किया जाना चाहिए, जिस तरह की चुनाव आयोग के चयन करने की प्रक्रिया है, वह भी उन्होंने बहुत गलत तरीके से रखी। उसमें जो एलओसी का उसमें उपयोग होना चाहिए, वह भी नहीं हो पा रहा है। और इस तरह से, जिस तरह से पूरे देश में चुनाव आयोग ने डकैती डाली है पूरे मतदाता लिस्ट पर, वह एक तरफ़ा उनको केवल और केवल झूठ-मूठ के चुनाव कराने की प्रक्रिया का साथ देती है।
हमारा आग्रह है राष्ट्रपति जी से कि इस चुनाव आयोग को भंग करें और अगर इनमें थोड़ी भी शर्म है, तो स्वयं इन लोगों ने अपने आप इस्तीफा दे देना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान डॉ मुनीश मिश्रा, हुकुम वर्मा, अवधेश सिसोदिया, रियाज हुसैन ,ओंकार पटेल, आलोक रावत ,सुनील आर्य,जिला प्रवक्ता प्रेमांशु जैन, विकास व्यास शांतनु दीक्षित, देवेंद्र जैन,डॉ जगदीशचंद्र चोरे, अजीज मदनी, बलराम वर्मा ,असीम पटेल ,इस्माइल मोटू ,असलम गौरी ,शब्बीर कादरी ,मयंक पाराशर, उदय सोनी ,इकबाल कुरैशी, मेंहमूद खान ,दिव्यांश ओझा,पार्षद बबलू पटेल ,मोइज खान, शराफत खान, धर्मेंद्र राठौर प्रियेश चौकड़े,चंदन राजपूत ,अनिल जाधव,अजीज अली, मनोज मंडलोई, नमेश बारे, मनोज सोनी,राजकुमार केथवास, अर्श पाठक,असलम,हन्नान खोकर ,बिलाल पेंटर, दशरथ सिरसोटे, हुकुम मेलुन्दे, अरविंद कसेरा ,अकरम जाटू, रईस मालवा, रशीद बाठिया, इमरान गौरी ,विशाल जैन, यशवंत सिलावट ,संदीप सोनी,अयान खान ,साहेब शाह ,मुन्नू बाबूजी ,राम वर्मा, रियाज पठान, योगेश जांगिड़ ,फरहान खान ,संतोष दुबे ,सुनील पासी,वकील नीलकंठ,धनाजी जाधव, रुपाली बारे,हेमलता पालीवाल ,कामिनी मंडलोई ,मीनू मंडलोई ,सुनीता सकरगाए ,आशी सिलवट ,मुमताज बी ,मीना वर्मा,सुधा खान,सरोज बघेल,सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
