हुनर को बड़े मंच की जरूरत नहीं… एक मोबाइल और जुनून से ग्रामीण युवाओं ने बना डाली 1 घंटे की फिल्म।

खंडवा। हमारे खंडवा जिले में हर विधा में प्रतिभाओं की कमी नहीं है यह प्रतिभाएं अपनी कला के हुनर से खंडवा का नाम देश विदेश में रोशन कर रही है, कहते हैं कि हुनर किसी बड़े मंच, महंगे कैमरे या लाखों रुपये के बजट का मोहताज नहीं होता। अगर इंसान के भीतर कुछ नया करने का जुनून और मेहनत करने का जज्बा हो, तो सीमित संसाधनों के सहारे भी बड़ा काम किया जा सकता है। डिजिटल युग में मोबाइल फोन ने प्रतिभाओं के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। आज यही मोबाइल कैमरा, एडिटिंग स्टूडियो और अपने हुनर को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ग्राम के युवाओं को बधाई शुभकामनाएं देते हुए बताया कि किशोर कुमार की नगरी खंडवा क्षेत्र के निमाड़ अंचल ग्राम मलगांव के कुछ ग्रामीण युवाओं ने इसी सोच को हकीकत में बदलते हुए करीब एक घंटे की फिल्म तैयार की निमाड़ क्रिएशन की टीम से जुड़े इन युवाओं ने महंगे कैमरे, बड़े प्रोडक्शन हाउस और भारी बजट के बिना मोबाइल फोन की मदद से फिल्म बनाई है। फिल्म का नाम ”गब्बर इस बेक पार्ट 2” फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद से ही इसे लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
पूरी फिल्म 20 अक्टूबर को निमाड़ क्रिएशन युटुब चैनल पर रिलीज होने जा रही है। दर्शकों में उत्सुकता इस बात को लेकर है कि आखिर ग्रामीण युवाओं ने मोबाइल फोन से करीब एक घंटे की फिल्म को किस तरह शूट और तैयार किया है।
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि नौकरी और खेती के साथ फिल्म निर्माण निमाड़ क्रिएशन की टीम से जुड़े युवा कोई पूर्णकालिक फिल्म कलाकार नहीं हैं। टीम के कई सदस्य नौकरी करते हैं, जबकि कुछ खेती-किसानी और अन्य कामों से जुड़े हैं। दिनभर अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बाद जब समय मिलता, वे फिल्म के लिए काम करते थे।
किसी ने अभिनय किया, किसी ने कैमरा संभाला, तो किसी ने लोकेशन, एडिटिंग और तकनीकी जिम्मेदारियां निभाईं। इसी तरह करीब एक साल की मेहनत के बाद फिल्म को तैयार किया गया।
मोबाइल बना कैमरा और एडिटिंग स्टूडियो
फिल्म निर्माण में आमतौर पर महंगे कैमरे, लाइटिंग, सेट और तकनीकी टीम की जरूरत होती है। लेकिन निमाड़ क्रिएशन टीम ने उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया। मोबाइल फोन से शूटिंग की गई और स्थानीय गांव, खेत, सड़क और आसपास की लोकेशन को फिल्म का हिस्सा बनाया गया।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि यह टीम की पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले 2025 में गब्बर इस बेक पार्ट 1 रिलीज की गई थी, जिसे भी मोबाइल फोन से शूट किया गया था। पहले पार्ट से मिले प्रोत्साहन के बाद टीम ने दूसरे पार्ट पर काम शुरू किया।
युवाओं के लिए प्रेरणा
इस फिल्म की कहानी सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यह उन युवाओं के लिए भी संदेश है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं। आज मोबाइल फोन जैसी तकनीक के जरिए युवा अपने हुनर को सामने ला सकते हैं।
फिल्म के डायरेक्टर भावेश पटेल और कमलेश पटेल का कहना है कि उनका उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है कि वे अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानें और शुरुआत करने से न डरें।
गांव का युवा अभिनेता बन सकता है, नौकरी करने वाला निर्देशक बन सकता है और मोबाइल चलाने वाला युवा कहानीकार या एडिटर बन सकता है। “ गब्बर इस बैक 2 (2.0)” के जरिए निमाड़ क्रिएशन की टीम ने सीमित संसाधनों में एक सिनेमाई प्रयास किया है।
फिल्म 20 अक्टूबर 2026 को रिलीज होगी। अब देखना यह है कि मोबाइल से तैयार की गई यह फिल्म दर्शकों के बीच कैसी जगह बनाती है।
