*यूज वाटर प्रबंधन पर डी-सिल्जिंग कर्मियों को दिया प्रशिक्षण*
सेप्टिक टैंक की सफाई, फीकल स्लज प्रबंधन एवं PPE के सुरक्षित उपयोग का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
खंडवा, 29 सितंबर। स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0 के अंतर्गत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के मार्गदर्शन में नगरीय निकायों में कार्यरत डी-सिल्जिंग स्टाफ के क्षमता संवर्धन हेतु “यूज वाटर प्रबंधन” विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन होटल स्टेप इन, आनंद नगर में किया गया। कार्यशाला में डी-सिल्जिंग कर्मियों को सेप्टिक टैंक की सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से सफाई, फीकल स्लज के प्रबंधन, परिवहन एवं निपटान की प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में महापौर अमृता अमर यादव ने कहा कि डी-सिल्जिंग कर्मी नगरीय स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके तकनीकी एवं सुरक्षा कौशल में वृद्धि से कार्य की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ-साथ कर्मियों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सेप्टिक टैंक की डी-सिल्जिंग एवं एम्प्टींग की मानक प्रक्रिया, मैनुअल एवं मैकेनिकल सफाई, फीकल स्लज की सुरक्षित हैंडलिंग, परिवहन एवं निपटान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्य के दौरान संभावित जोखिमों एवं दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के सही तरीके से पहनने एवं उतारने (Donning & Doffing), रखरखाव तथा उपयोग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष रूप से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों एवं निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में मैनहोल एवं सेप्टिक टैंक की मैकेनिकल क्लीनिंग का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया। इसमें मशीनों एवं उपकरणों के सुरक्षित संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही सार्वजनिक स्थानों की सफाई तथा अपशिष्ट एवं स्लज के सुरक्षित प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
समापन सत्र में प्रतिभागियों के साथ ओपन सेशन एवं फीडबैक आयोजित किया गया, जिसमें डी-सिल्जिंग कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, सुरक्षा आवश्यकताओं एवं कार्य में सुधार के सुझावों पर चर्चा हुई। प्रशिक्षण में सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यशाला में संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारी, स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं डी-सिल्जिंग कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान प्रदीप श्रीवास्तव, आशीष विश्वास, मुन्ना भट्ट एवं रजत जाधव ने प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन दिया। वहीं राजेंद्र सिंह पवार, विनोद कंवारे, करन सिंह एवं अजय परमार का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन एवं समूह छायाचित्र के साथ किया गया।
