चुनाव आयोग पर सवालों से घबराई भाजपा, प्रेसवार्ता कर सफाई देने में जुटी : कांग्रेस
जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस पर आरोप लगाने में ज्यादा जोर, बोली प्रतिभा रघुवंशी—सवालों से नहीं, तथ्यों से जवाब दे भाजपा
खंडवा/
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बीच भाजपा की ओर से की गई प्रेसवार्ता अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने कहा कि सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस ने इसे मूल सवालों से ध्यान भटकाने की कवायद बताया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष( शहर) प्रतिभा रघुवंशी का कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठना किसी दल का विरोध नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग है। कांग्रेस लगातार मतदाता सूची, एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टीकरण और सार्वजनिक जवाब की मांग कर रही है।
श्री रघुवंशी ने भाजपा की सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता पर कटाक्ष करते हुए महापौर से कहा कि “जब सवाल कठिन हों तो जवाब देने के बजाय प्रेसवार्ता में विपक्ष को ही कटघरे में खड़ा करना आसान होता है।” पार्टी का कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो सवालों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के साथ दिया जाना चाहिए, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के जरिए नहीं।
श्री रघुवंशी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हर सवाल का स्पष्ट एवं सार्वजनिक समाधान होना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि वह इन मुद्दों को जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी।
देश में हर साल स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) की प्रक्रिया होनी जरूरी होती है, जिसमें 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाते हैं।
लेकिन ज्ञानेश कुमार ने इस प्रक्रिया को 2024 से रोककर रखा है।
प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जो सवाल उठा रही है, वे किसी भ्रम के आधार पर नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े गंभीर सवाल हैं।
भाजपा को कांग्रेस पर आरोप लगाने के बजाय यह बताना चाहिए कि मतदाता सूची, नाम जोड़ने-काटने, मतदान प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने में आपत्ति क्यों है? यदि कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल गलत हैं तो चुनाव आयोग तथ्यों और दस्तावेजों के साथ उनका स्पष्ट जवाब दे।लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठना गंभीर विषय है। ऐसे सवालों का जवाब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि तथ्यों, आंकड़ों और पारदर्शी प्रक्रिया से मिलना चाहिए।
कांग्रेस किसी संवैधानिक संस्था को कमजोर करने के पक्ष में नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास और मजबूत होना चाहिए। इसके लिए मतदाता सूची से लेकर मतदान और परिणाम तक प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता आवश्यक है।
भाजपा यदि कांग्रेस के आरोपों को गलत मानती है तो वह राजनीतिक बयानबाजी के बजाय बिंदुवार तथ्य सामने रखे। कांग्रेस भी अपने सवालों और उपलब्ध तथ्यों को जनता के सामने रखेगी। लोकतंत्र में सवाल पूछना जनता और विपक्ष का अधिकार है और उन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
