जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता कर किया था खुलासा, जांच हुई तो पटवारी निलंबित
कोलगांव में पटवारी के नाम 48 और पत्नी के नाम 3 पट्टे; सार्वजनिक चबूतरा और ग्रामीण का मकान भी रिकॉर्ड में मिला
खंडवा/
कोलगांव में आवासीय पट्टों के नामांतरण में कथित गड़बड़ी का मामला कांग्रेस की प्रेसवार्ता के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने प्रेसवार्ता में दस्तावेज प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि गांव में तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई ने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने नाम 48 और पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम 3 पट्टे दर्ज करा लिए। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें कई रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां सामने आईं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया था कि कोलगांव में कुल 935 आवासीय पट्टे जारी हुए हैं। इनमें 51 पट्टे पटवारी और उनकी पत्नी के नाम दर्ज हैं। शिकायत में सार्वजनिक उपयोग की जमीन, बावड़ी और ग्रामीणों की संपत्तियों को भी रिकॉर्ड में गलत तरीके से दर्ज किए जाने के आरोप लगाए गए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जांच कमेटी गठित की। वर्तमान पटवारी राकेश पटेल ने ग्रामीणों की मौजूदगी में खसरों का स्थलीय मिलान किया। जांच में बस स्टैंड के सार्वजनिक आरसीसी चबूतरे तथा ग्रामीण बलिराम के खसरा नंबर 530 में दर्ज मकान का रिकॉर्ड भी पटवारी के नाम पाए जाने की बात सामने आई।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने पटवारी राजेश मंडलोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही कोलगांव के सभी खसरों और पट्टों की विस्तृत जांच एवं पुनर्गणना कर रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब अन्य पट्टों की जांच पर भी नजर रहेगी।
