*श्यामा बाई गुप्ता के निधन उपरांत हुआ देहदान*
*लायन्स क्लब खण्डवा के सहयोग से 27 वी देह मेडिकल को हुई दान*
खण्डवा। कालमुखी निवासी श्रीमती श्यामा बाई गुप्ता का देवलोकगमन हो गया । उनकी इच्छानुसार पुत्र पंकज गुप्ता व परिजनों ने उनकी देहदान की इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान हेतु स्वीकृति प्रदान की। माताजी स्व श्यामा बाई गुप्ता ने पूर्व में देहदान की इच्छा व्यक्त की थी।पुत्र पंकज गुप्ता व परिवारजनों ने देहदान घोषणा पत्र भरने के लिए लायन्स सक्षम नेत्रदान देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति व मेडिकल कालेज की टीम को आमंत्रित किया व देहदान जागरूकता का वृहद आयोजन किया गया। श्रीमती श्यामा बाई ने तो देहदान का घोषणा पत्र भरा साथ ही अन्य 4 व्यक्तियों ने भी देहदान का घोषणा पत्र भरा गया। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। पुलिस टीम से सम्पर्क कर कालमुखी में उनके निवास पर पार्थिव देह को पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कालमुखी में अंतिम यात्रा निकाली गई ततपश्चात देह एम्बुलेंस से खण्डवा लाई गई।समिति संयोजक नारायण बाहेती व सुनील जैन ने बताया कि नेत्रदान, देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति खण्डवा, लायन्स क्लब खण्डवा, सक्षम संस्था खण्डवा, लियो क्लब खण्डवा एवं महर्षि दधीचि देहदान समिति व समिति के सदस्यों नारायण बाहेती, डॉ. सोमिल जैन, प्रहलाद तिरोले, अनिल बाहेती, सुनील जैन,सुरेन्द्रसिंह सोलंकी, राजीव शर्मा, राजीव मालवीय, घनश्याम वाधवा, डॉ. राधेश्याम पटेल, गांधी प्रसाद गदले, रणवीर सिंह चावला एवं चंचल गुप्ता के सहयोग से यह 27 वी देह मेडिकल कालेज को दान की गई। अनिल बाहेती ने कहा की शहरो से अब यह जागृति गांव में भी आ रही है जो मेडिकल की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है लायन्स क्लब खण्डवा अध्यक्ष घनश्याम वाधवा, आशा उपाध्याय , सनत श्रीमाली, सदस्यों के साथ ही नंदकुमार सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ संजय दादू,डॉ अनंत पंवार,डॉ विनित गुहिया, डॉ राजीव जोशी,डॉ बुद्धदेव घोष ने मृत देह का मेडिकल कालेज के लिए महत्व बताते हुए श्रद्घांजलि दी। समाजसेवी व समिति सदस्य सुनील जैन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने पार्थिव देह का चिकित्सा शिक्षा में अति महत्वपूर्ण बताया। स्व श्यामा बाई गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके देहदान को समाज के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय सेवा बताया । कालमुखी से आए हुए गोविन्द वर्मा मनीष खण्डेलवाल
ऋषि खण्डेलवाल आशीष खण्डेलवाल
मुकेश बड़जात्या द्वारा सबका आभार किया की माता जी को इतनी अच्छी व्यवस्था मिली द्वारा 27 वी देहदान के साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 183 लोगो के देहदान घोषणा पत्र भरे गए।531 व्यक्तियों के निधन उपरांत नेत्रदान किये गए। नारायण बाहेती ने सभी सहयोगियों का आभार माना।
