विनय मोक्ष का द्वार है जीवन में विनय का आना अत्यंत आवश्यक है, ,,संजय जी शास्त्री,,

जीवन में विनय का आना अति आवश्यक है, ,,आयुषी दीदी,,
नगर में जैन धर्म के महान पर्युषण पर्व धार्मिक उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं,
खंडवा ।। मार्दव धर्म आत्मा अर्थात् स्व-स्वरूप का धर्म है। जहाँ मृदु भाव या नम्रता नहीं है वहाँ धर्म भी नहीं है। वहाँ नियम, व्रत, तप, दान, पूजा इत्यादि विनय भाव के बिना सभी व्यर्थ है, अहंकारी पुरुष मान कषाय के कारण दूसरे के प्रति झुकता नहीं और सूखे बाँस के समान सीधा ही रहता है। विनम्रता न होने के कारण अहँकार से व्यक्ति अपना नाश कर लेता है, यह उदगार प्रदूषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म पर प्रवचन देते हुए संजय जैन बांसवाड़ा ने व्यक्त किये, शास्त्री जी ने कहा कि
जो हमेशा विनम्र रहता है, उसकी सभी लोग विनय करते हैं। ज्यादा मान करने वाले की गर्दन बहुत ऊँची होती है, जैसे ऊँट हमेशा ऊपर को देखता है और कहता है मेरे समान कोई भी ऊँचा नहीं है। तब पर्वत सामने आता है तब उसको देखकर, उसको लज्जित होकर अपनी गर्दन को नीचा कर लेना पड़ता है रावण अहँकार के कारण राम के द्वारा मारा गया और अंत में उनको नरक में जाना पड़ा। बजरंग चौक स्थित महावीर जैन मंदिर में सांगानेर से पधारी आयुषी दीदी ने कहा कि कहा कि विनयवान व्यक्ति अपने जीवन में हमेशा ऊंचाइयां प्राप्त करता है, विनय मोक्ष का द्वार है, जीवन में विनय का आना अत्यंत आवश्यक है,ज्ञानी पुरुष कभी भी सांसारिक क्षणिक वस्तु के प्रति कभी भी गर्व नहीं करता है। सच्चा पुरुष हमेशा नम्र होता है, पेड बहुत से फल अपने से उत्पादन करते है परंतु उन फलों को स्वयमेव न रखकर नम्र होकर अर्थात् झुककर दूसरों को दे देते है,
शास्त्री जी ने कहा कि आजकल के अहँकारी लोग-थोड़ी सी क्षणिक सम्पत्ति मिलने पर मनुष्य देव शास्त्र गुरु के प्रति विनय करने मे भी हिचक जाते है,विनय रहित मनुष्य हमेशा धोखा ही खाता हें। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि नगर में समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में पर्युषण पर्व धार्मिक उत्साह, पूजा अर्चना के साथ मनाए जा रहे हैं, मुख्य कार्यक्रम सराफा जैन धर्मशाला में श्री शास्त्री के सानिध्य में हो रहा है, संजय शास्त्री ने दशलक्षण महापर्व पर दूसरे दिन उत्तम मार्दव पर उपस्थित श्रोताओं के समक्ष उद्गारित किये, समाज के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि सभी मंदिरों में प्रातः काल नित्य नियम पूजन भगवान का अभिषेक शांति धारा के साथ 10 लक्षण धर्म पर संगीत में पूजा की जा रही है। नवकार नगर मंदिर में भी पूजा अर्चना के साथ रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन मंदिर सराफा में आयोजित कार्यक्रम मे शांतिधारा करने का सौभाग्य अनमोल कैलाश पहाड़िया,संयम जितेंद्र लुहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ।
