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राज्यसभा चुनाव में कथित धांधली के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, चुनाव आयुक्त का पुतला दहन

राज्यसभा चुनाव में कथित धांधली के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, चुनाव आयुक्त का पुतला दहन

सांकेतिक रूप से चुनाव आयुक्त को भाजपा रूपी जंजीर पहनाकर किया गया विरोध प्रदर्शन
खंडवा/
राज्यसभा चुनाव में कथित धांधली एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी के विरोध में महिला कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
बुधवार 17 जून दोपहर 4:30 को महिला कांग्रेस की सदस्य सहित समस्त कांग्रेसजन गांधी भवन से एकत्रित होकर हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केवलराम पेट्रोल पंप चौराहे तक पहुचे। यहां कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक रूप से चुनाव आयुक्त को भाजपा रूपी जंजीर पहनाकर अपना विरोध दर्ज कराया और बाद में उनका पुतला दहन किया।
हेमलता पालीवाल ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। रचना तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।सुनीता सकरगाये ने कहा कि विगत दिनों राज्यसभा चुनाव के दौरान सत्तापक्ष द्वारा लोकतांत्रिक मर्यादाओं और नियम-प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर घोर बेईमानी की गई है। द्वेषपूर्ण राजनीति के चलते कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन अवैध रूप से रद्द किया गया, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।
प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में शायद पहली बार संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर इतने गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आज हमने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रतीकात्मक रूप से जंजीरों में बांधकर यह संदेश दिया कि जब संवैधानिक संस्थाएं सत्ता के दबाव में काम करती हुई दिखाई देती हैं, तब लोकतंत्र कमजोर होता है।
हमारा आरोप है कि जिस प्रकार कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त किया गया, उससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगा है। इसी के विरोध में हमने यह प्रदर्शन कर जनता के सामने चुनाव आयोग की वास्तविकता उजागर करने का प्रयास किया। लोकतंत्र में चुनाव आयोग का दायित्व निष्पक्ष और स्वतंत्र रहना है, न कि किसी राजनीतिक दल के हितों के अनुसार कार्य करना। “लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा, जब संवैधानिक संस्थाएं सत्ता की नहीं, संविधान की गुलाम हों।”
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष हेमलता पालीवाल,महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रचना तिवारी,जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) प्रतिभा रघुवंशी,सुनीता सकरगाए ,रूपाली बारे, अन्विता ओझा ,सुनीता रायकवार, साधना जोशी, यज्ञवती वर्मा, प्रतिभा कसेरा, मीनू मंडलोई, अर्चना वर्मा, मीना वर्मा, रूपा कासडे, आशी सिलावट,रियाज हुसैन, सुनील सकरगाये,दीपक मुल्लू राठौर,प्रेमांशु जैन,विनय गोयल,विशाल जैन,चैनसिंह वर्मा,असलम गौरी,मोइज खान,भुवनेश जोशी,यशवंत सिलावट,राम वर्मा,मयंक पाराशर,नमेश बारे ,शोएब शाह के साथ महिला कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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