अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होने पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, बोली- हार के डर से लोकतंत्र की प्रक्रिया रोकी
4 नवंबर को लोकतंत्र बचाने की यात्रा, 5 नवंबर को लोकतंत्र की हत्या कर दी : मनोज भरतकर
जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होने पर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला, बोले- जनता सब समझ रही है, 2028 में भी कांग्रेस डटकर मुकाबला करेगी
खंडवा/
जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 14 नवंबर को प्रस्तावित सम्मेलन एवं मतदान की कार्यवाही स्थगित किए जाने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शासन-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जिला पंचायत में संभावित हार की आशंका के चलते भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया को रुकवाने की रणनीति अपनाई है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार दोपहर 1 बजे गांधी भवन में जिला कांग्रेस ने प्रेसवार्ता आयोजित कर अपना पक्ष रखा।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कहा कि भाजपा को इस बात का डर था कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होने की स्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित बन सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन के दौरान टॉस की स्थिति बनी थी। इस बार भी भाजपा को अपनी स्थिति कमजोर नजर आ रही थी, इसलिए किसी न किसी तरीके से मतदान टालने की रणनीति बनाई गई।
उत्तमपाल सिंह ने कहा कि जब जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी और 14 नवंबर को सम्मेलन एवं मतदान की तारीख निर्धारित कर दी गई थी, तब अचानक जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 6 की रिक्त सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी गई। यदि उपचुनाव कराना ही था तो पहले भी कराया जा सकता था। उन्होंने देवास में जिला पंचायत सदस्य के उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि अब इस उपचुनाव को आधार बनाकर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया स्थगित करना कई सवाल खड़े करता है। कांग्रेस इस मामले में न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी। साथ ही वार्ड क्रमांक 6 के उपचुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत से अपना उम्मीदवार उतारेगी।
जिला पंचायत सदस्य मनोज भरतकर ने भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने 4 नवंबर को लोकतंत्र बचाने की यात्रा निकाली और अगले ही दिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने का काम किया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ओर भाजपा लोकतंत्र बचाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत में निर्वाचित सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया ही स्थगित कर दी जाती है। भरतकर ने कहा कि कांग्रेस वार्ड क्रमांक 6 के उपचुनाव में पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए काम करेगी।
जिला पंचायत सदस्य नानकराम बरवाहे ने कहा कि जिला पंचायत के कई सदस्य तीन-चार बार संभागायुक्त के समक्ष उपस्थित होकर अविश्वास प्रस्ताव और सम्मेलन बुलाने की मांग कर चुके थे। इस संबंध में आवेदन भी दिया गया था। इसके बाद संभागायुक्त ने 14 नवंबर की तारीख निर्धारित की थी। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का व्यवहार सदस्यों के प्रति ठीक नहीं था और कई सदस्य उनके कामकाज से असंतुष्ट थे। सदस्यों के आग्रह पर ही उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि नारायण सिंह तोमर ने कहा कि सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बाद संभागायुक्त ने 14 नवंबर को सम्मेलन और मतदान की तारीख तय कर दी थी। लेकिन गुरुवार रात सोशल मीडिया पर कार्यवाही स्थगित किए जाने संबंधी पत्र सामने आया। इसके पीछे जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 6 और एक जनपद सदस्य के चुनाव को आधार बताया गया। तोमर ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पहले से चल रही थी, ऐसे में अचानक इसे स्थगित किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस से भयभीत होकर कानूनी और प्रशासनिक हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि 14 नवंबर को मतदान होता तो कांग्रेस अपना बहुमत साबित कर सकती थी। अब इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा लोकतंत्र बचाने की यात्रा निकाल रही है, जबकि यहां चुनावी प्रक्रिया ही रोक दी गई। वोट चोरी के आरोपों के बाद अब चुनाव भी चोरी किए जाने जैसे सवाल उठ रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह धारकवाड़ी ने कहा कि 14 नवंबर को प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की कार्यवाही स्थगित करना भाजपा के डर और दबाव का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के सदस्य अध्यक्ष के कामकाज से असंतुष्ट थे और इसी कारण अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। कांग्रेस संगठन पूरी ताकत के साथ मतदान की तैयारी कर रहा था। उनका दावा था कि यदि निर्धारित तारीख पर मतदान होता तो जिला पंचायत में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष बनता। उन्होंने इस घटनाक्रम को लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही स्थगित किए जाने के खिलाफ पार्टी कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ-साथ वार्ड क्रमांक 6 के उपचुनाव में भी पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए भाजपा और प्रशासन से कार्यवाही स्थगित करने के निर्णय पर जवाब मांगा है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह,मनोज भरतकर,नानकराम बरवाहे,जितेंद्र सिंह धारकवाड़ी,नारायण सिंह तोमर, जिला प्रवक्ता प्रेमांशु जैन,अर्ष पाठक,धर्मेन्द्र सिंह राठौर,मनोज मंडलोई,पवन पाटीदार,राजकुमार कैथवास, राम वर्मा सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद थे।
