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कांगड़ा लघुचित्र कला भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत : कंचन तनवे

कांगड़ा लघुचित्र कला भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत : कंचन तनवे

खंडवा। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालय, खंडवा द्वारा आयोजित “सेवा, संस्कृति और संकल्प” 10 दिवसीय कांगड़ा लघुचित्र चित्रकला कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का मंगलवार को किशोर कुमार सभागृह, सिविल लाइंस खंडवा में समापन हुआ। कार्यक्रम में खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और कांगड़ा लघुचित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

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कार्यक्रम के दौरान विधायक कंचन मुकेश तनवे ने कहा कि कला और संस्कृति हमारी भारतीय परंपरा एवं विरासत की पहचान हैं। कांगड़ा लघुचित्र जैसी प्राचीन कला विधाओं का संरक्षण और नई पीढ़ी तक उनका परिचय कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा के साथ संस्कृति, कला और हमारी परंपराओं के संरक्षण का संकल्प भी है। कांगड़ा लघुचित्र कला अपनी बारीक रेखाओं, प्राकृतिक रंगों और भावपूर्ण चित्रण के लिए विशिष्ट पहचान रखती है।

विधायक ने कार्यशाला में सहभागिता करने वाले कलाकारों एवं विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि खंडवा में इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन लगातार होते रहना चाहिए, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिले और युवा पीढ़ी भारतीय कला एवं संस्कृति से जुड़ सके।

इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश से आए कांगड़ा लघुचित्र कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन किया तथा कार्यशाला में तैयार चित्रों की बारीकी और कलात्मकता की सराहना की।

गौरतलब है कि महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में 27 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक कांगड़ा लघुचित्र कला का प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के सौजन्य से किया गया।

कांगड़ा लघुचित्र कला पहाड़ी चित्रकला की महत्वपूर्ण शैली है, जिसमें महीन रेखांकन, प्राकृतिक रंगों और सूक्ष्म भाव-अभिव्यक्ति का विशेष महत्व है। हिमाचल प्रदेश सरकार भी इसे अपनी महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कला परंपरा के रूप में वर्णित करती है।

कार्यक्रम में जनभागीदारी समिति अध्यक्ष अतुल शाह, महाविद्यालय की प्राचार्य क्रांति तिवारी, कलाकार मोनू कुमार, रीता देवी , भाजपा जिला उपाध्यक्ष तपन डोंगरे, एल्डरमैन लोकेंद्र सिंह गौड़, बलदेव सिंह मौर्य, पार्षद मनीष सारसर, डॉ. अनीश अरझरे, अनिमेष जोशी, सन्देश गुप्ता, दुर्गेश शर्मा सहित महाविद्यालयीन स्टाफ, विद्यार्थी एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे।

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Tanish Gupta

वरिष्ठ संवाददाता 📍 खंडवा(मध्यप्रदेश)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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