मुख्य रास्ते को लेकर रहवासियों ने बजरंग दल के साथ सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
रजिस्ट्री, कॉलोनी के नक्शे, दस्तावेज एवं निर्माण कार्य के वीडियो प्रशासन को सौंपे
खंडवा। संत विनोबा भावे वार्ड क्रमांक 7, जसवाड़ी रोड स्थित रहवासियों के आने-जाने के मुख्य रास्ते को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। मामले को लेकर बजरंग दल के खंडवा विभाग संयोजक अजय मालवीय, जिला संयोजक रोहित चावरे एवं जिला सह संयोजक शुभम निकुम ने रहवासियों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी और उनके साथ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की।
रहवासियों ने बताया कि उन्होंने कॉलोनी में अपने-अपने प्लॉट रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदे हैं। उनके अनुसार, रजिस्ट्री एवं कॉलोनी के नक्शे में आवागमन के लिए एक मुख्य रास्ता दर्शाया गया है, जिसका उपयोग वे कई वर्षों से करते आ रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि वर्तमान में इसी रास्ते पर निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है, जिससे उनके घरों तक आने-जाने में परेशानी उत्पन्न होने की स्थिति बन गई है।
रहवासियों द्वारा अपनी रजिस्ट्री, कॉलोनी के नक्शे, अन्य संबंधित दस्तावेज तथा निर्माण कार्य से संबंधित वीडियो प्रशासन को सौंपे गए। इसके साथ ही विवाद के दौरान कथित रूप से गाली-गलौज एवं अभद्र भाषा के प्रयोग से संबंधित वीडियो भी प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए गए। रहवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
जिला संयोजक रोहित चावरे ने कहा कि किसी भी परिवार के आवागमन से जुड़े रास्ते को बिना तथ्यात्मक जांच के बंद नहीं किया जाना चाहिए। यदि प्रशासनिक जांच में उक्त रास्ता रहवासियों के आवागमन के लिए दर्ज पाया जाता है और उसे गलत तरीके से बाधित किया जा रहा है, तो बजरंग दल रहवासियों के साथ खड़ा रहेगा तथा कानूनी एवं शांतिपूर्ण तरीके से उनकी समस्या के समाधान के लिए प्रयास करेगा।
विभाग संयोजक अजय मालवीय ने कहा कि प्रशासन रजिस्ट्री, कॉलोनी के नक्शे एवं संबंधित सरकारी रिकॉर्ड की जांच कर मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। किसी भी परिवार को आवागमन के रास्ते को लेकर परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
जिला सह संयोजक शुभम जी निकुम ने कहा कि रहवासियों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेज एवं वीडियो प्रशासन को सौंप दिए गए हैं। अब प्रशासन पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय ले, ताकि विवाद का स्थायी एवं शांतिपूर्ण समाधान हो सके।
ज्ञापन के दौरान कुछ रहवासियों ने अपनी परेशानी एवं आक्रोश व्यक्त करते हुए आत्मदाह जैसे गंभीर कदम उठाने की चेतावनी देने की बात कही। इस पर बजरंग दल पदाधिकारियों ने रहवासियों से स्पष्ट अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में स्वयं को नुकसान पहुंचाने जैसा कदम न उठाएं तथा अपनी समस्या को कानून, प्रशासन एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से रखें।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
1. मुख्य रास्ते की मौके पर जांच एवं नाप-जोख कराई जाए।
2. रजिस्ट्री, कॉलोनी के नक्शे एवं संबंधित सरकारी रिकॉर्ड की जांच कर रास्ते की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
3. जांच पूरी होने तक मुख्य रास्ते पर किए जा रहे निर्माण कार्य की स्थिति की प्रशासन द्वारा जांच की जाए।
4. कॉलोनी एवं प्लॉटों की बिक्री के समय आवागमन के लिए कौन-सा रास्ता दर्शाया गया था, इसकी जांच की जाए।
5. रहवासियों के आवागमन के रास्ते को बिना उचित कारण बाधित न किया जाए।
6. रहवासियों द्वारा प्रस्तुत रजिस्ट्री, दस्तावेज एवं वीडियो की जांच की जाए।
7. गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार अथवा धमकी संबंधी शिकायत जांच में सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
8. प्रशासन मौके पर पहुंचकर संपूर्ण स्थिति की जांच करे एवं रहवासियों की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।
