*किशोर न्याय व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर मंथन,
जबलपुर की कार्यशाला में शामिल होंगे प्रवीण शर्मा*
*बाल संरक्षण के विधिक प्रावधानों, संस्थागत समन्वय और बाल हित पर होगी विशेषज्ञों की चर्चा*
खंडवा। बच्चों के अधिकारों और संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी, जबलपुर में 2 एवं 3 अक्टूबर को विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा जारी निर्देश के तहत आयोजित इस कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, बाल कल्याण समिति के सदस्य, परिवीक्षा अधिकारी एवं अन्य संबंधित हितधारक सहभागी होंगे।
न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा भी इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में सहभागिता करेंगे। कार्यशाला का आयोजन दोनों दिवस प्रातः 10 बजे से मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी, जबलपुर में किया जाएगा।
कार्यशाला में किशोर न्याय व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल अधिकारों के संरक्षण, विधिक प्रावधानों की व्यवहारिक समझ तथा बाल कल्याण से जुड़ी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बाल संरक्षण व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता से अनुभवों और कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिलेगा।
*बाल हित सर्वोच्च प्राथमिकता—प्रवीण शर्मा*
प्रवीण शर्मा ने कहा कि “किशोर न्याय व्यवस्था का मूल उद्देश्य केवल विधिक प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा, पुनर्वास और गरिमापूर्ण भविष्य को सुनिश्चित करना है। ऐसी कार्यशालाएं मैदानी अनुभवों को विधिक समझ और संवेदनशील दृष्टिकोण से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”
उन्होंने कहा कि कार्यशाला से प्राप्त नवीन जानकारी एवं अनुभवों को खंडवा जिले में बाल संरक्षण और बाल कल्याण की कार्यप्रणाली को और अधिक संवेदनशील, प्रभावी एवं बाल-केंद्रित बनाने में उपयोग किया जाएगा।
बाल हित से राष्ट्रहित की दिशा में यह प्रशिक्षण और संवाद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
*किशोर न्याय व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर मंथन,
Tanish Gupta
वरिष्ठ संवाददाता
📍 खंडवा(मध्यप्रदेश)
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।
