सुरों का संगम : मेरी आवाज ही पहचान है…. संध्या में बिखरा संगीत का जादू, दिग्गजों की मौजूदगी में खिली स्वर कोकिला की स्मृति

अमर सुर-अमर विरासत : खण्डवा के किशोर सभागृह में गूंजे लता मंगेशकर के सदाबहार नगमे, सुरमई शाम से संगीतमय हुआ शहर
सुर से साधना तक : लता जी को स्वरांजलि देने खण्डवा पहुंचीं साधना सरगम, दादाजी दरबार और ओंकारेश्वर में टेका माथा
खण्डवा। भारत रत्न एवं स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी की जयंती के पावन अवसर पर उनकी अमर संगीत विरासत को समर्पित भव्य संगीत संध्या मेरी आवाज ही पहचान है सुरमई ट्रिब्यूट का आयोजन खण्डवा के किशोर कुमार सभागृह में संपन्न हुआ। सुरमई एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को देश की सुप्रसिद्ध पाश्र्वगायिका साधना सरगम की विशेष उपस्थिति ने अविस्मरणीय बना दिया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि खण्डवा आगमन पर साधना सरगम ने सबसे पहले महान गायक किशोर कुमार की समाधि स्थल पहुंचकर पुष्पमाला अर्पित की। उन्होंने किशोर दा के साथ अपनी संगीतमय यात्रा को याद करते हुए उनके गीतों की पंक्तियां गुनगुनाईं, जिससे माहौल भावुक हो उठा। इस दौरान समाजसेवी सुनील जैन द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
सुरों की सरगम से गुंजायमान हुआ सभागृह
मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती व लता जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद प्रदेशभर से आए गायकों और संगीतकारों ने लता मंगेशकर जी के सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। जानी दादा, राजू दादा और म्यूजिशियन टीम के साथ सुरमई एंटरटेनमेंट के प्रमुख योगेश पचोर योगेश गदले ने अपनी गायकी से समां बांध दिया। देश की प्रसिद्ध गायिका साधना सरगम ने लता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिल तो है दिल, सात समंदर पार, पहला नशा, नीले नीले अंबर पे एवं खंडवा के गायक योगेश गदले के साथ दर्द करारा गीत की शानदार प्रस्तुति दी,
दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
प्रवक्ता सुनील जैन गायक योगेश गदले नै बताया कि संगीत के इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खण्डवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक कंचन तनवे, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, मंगल यादव एवं भाजपा नेता राजपाल सिंह राठौड़ सुनील जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक सूरजमल जम्बूमल ज्वेलर्स की ओर से जम्बूमल जैन एवं अन्य अतिथियों ने विशेष सहयोग प्रदान कर अतिथियों का स्वागत किया।
गायिका साधना सरगम मंगलवार को दादाजी दरबार दर्शन करने के पश्चात ओंकारेश्वर पहुंचकर दर्शन किए किये।
साधना सरगम ने आयोजन के लिए सुरमई एंटरटेनमेंट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत की इस पवित्र धरती से उनका पुराना आत्मीय नाता रहा है।
साधना सरगम के इस प्रवास और सुरमई आयोजन ने खण्डवा की समृद्ध सांस्कृतिक एवं संगीतमय विरासत को एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दी है। इस अवसर पर एंकर मोहन रोकड़े, हिमांशु दुबे, गौरव जैन, स्वरा श्रीमाली, सुरमई एंटरटेनमेंट के निदेशक योगेश पचोर,सहयोग हिमांशु गीते, मनोज लाड़, योगेश गदले, सोशल मीडिया मॉडल दीक्षिखा, साहिल गिडवानी, वृहद अटके, कैमरा – रज़ा आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया ।
