*पार्श्वगायिका साधना सरगम ने किशोर कुमार समाधि पर दी श्रद्धांजलि*
*किशोर दा के साथ गाए गीतों की पंक्तियां गुनगुनाकर किया भावपूर्ण स्मरण*
किशोर दा को मिले भारत रत्न उनका उनके पुश्तैनी मकान पर बने संगीत का मंदिर, ,,साधना सरगम,,
खण्डवा। सुप्रसिद्ध पार्श्वगायिका साधना सरगम ने खण्डवा आगमन पर सर्वप्रथम इंदौर रोड स्थित महान गायक किशोर कुमार की समाधि पर पहुंचकर पुष्पमाला अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच के प्रवक्ता सुनील जैन एवं सचिव नारायण बाहेती ने बताया कि समाधि स्थल पर प्रसिद्ध गायिका साधना सरगम ने किशोर दा को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि किशोर कुमार की लोकप्रियता केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में है। मुझे भी ऐसी महान विभूति के साथ गाने का अवसर मिला, यह मेरे लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। इस अवसर पर साधना सरगम ने किशोर कुमार के साथ गाए गीत “जहाँवाले ने सब कुछ है रचाया” एवं किशोर दा के गए ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना की पंक्तियां गुनगुनाकर किशोर दा को याद किया। उन्होंने अपना गया गीत“पहला नशा नया प्यार है नया खुमार है कर लू में क्या अपना हाल ए मेरे दिले बेकरार गीत की भी संक्षिप्त पंक्ति गुनगुनाई। किशोर दा की याद में उनके गीतों की मधुर गूंज से समाधि स्थल का वातावरण भावुक और संगीतमय हो गया।
उन्होंने किशोर कुमार के साथ अपनी संगीत यात्रा की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि किशोर दा की आवाज और उनके गीत सदैव संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगे। साधना सरगम ने कहा कि एक ऐसा कलाकार जिसने हर फन में अपने विद्या का परिचय दिया, आज उनके गाए गीत हम सभी, बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी गुनगुनाते है। किशोर दा किशोर दा अपने आप में एक रत्न है उन्हें भारत रत्न अवश्य मिलना चाहिए साथ ही उनके खंडवा में स्थित पुश्तैनी मकान को सरकार को चाहिए कि एक स्मारक या संगीत का मंदिर बना दे ताकी किशोर दा की यादें सदा बनी रहे, और इस अवसर पर उपस्थित संगीत प्रेमियों ने भी किशोर कुमार की अमर संगीत विरासत को नमन किया।
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि साधना सरगम मुंबई से इंदौर और इंदौर से खंडवा पहुंची, किशोर कुमार की समाधि स्थल पर किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच, के प्रवक्ता सुनील जैन नारायण बाहेती लायन्स क्लब खण्डवा तथा विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा साधना सरगम का आत्मीय स्वागत अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर सुनील जैन, नारायण बाहेती, जम्बू जैन, मोहन रोकड़े, गौरव जैन, जम्मू अरुण जैन, योगेश गदले सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
