होम » India » नवजातों की सेहत और सुरक्षा परखी,*

नवजातों की सेहत और सुरक्षा परखी,*

एडिटर/तनिश गुप्ता

*नवजातों की सेहत और सुरक्षा परखी,*
*बाल कल्याण समिति ने किया एसएनसीयू व वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण*
*किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत बाल हित, स्वास्थ्य और दस्तावेजों की जांच; परामर्श व सुरक्षा व्यवस्था का भी लिया जायजा*
खंडवा। नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं देखभाल की व्यवस्थाओं को परखने के लिए न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा एवं सदस्य रुचि पाटिल और स्वप्निल जैन ने एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) एवं वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।
एसएनसीयू में समिति ने निवासरत नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य, उपचार एवं देखभाल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डॉ. मिथुन कंसल ने नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की स्थिति से समिति को अवगत कराया तथा संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए। समिति ने स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों और बच्चों की सुरक्षा एवं देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
समिति ने इस दौरान किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 में निर्धारित बालक के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा, गरिमा एवं गोपनीयता के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिनियम के तहत बच्चों से संबंधित निर्णयों में उनके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देना तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रमुख सिद्धांत है।
इसके बाद समिति ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। काउंसलर सुरभि ठाकुर एवं केयरटेकर ऊषा सिंह उपस्थित रहीं। समिति ने महिलाओं एवं बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही परामर्श, सुरक्षा, सहायता एवं पुनर्वास संबंधी सेवाओं की जानकारी ली। साथ ही प्रकरणों में गोपनीयता एवं संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर दिया।
*बाल हित सर्वोपरि*
अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम की मूल भावना के अनुरूप प्रत्येक बच्चे के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। विशेष रूप से नवजात एवं देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों के मामले में स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक दस्तावेजों, सुरक्षित देखभाल और संस्थागत समन्वय पर विशेष ध्यान जरूरी है।
समिति ने संबंधित व्यवस्थाओं में बाल हित आधारित दृष्टिकोण, उचित अभिलेख संधारण और संवेदनशील कार्यप्रणाली को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य बच्चों की देखरेख, संरक्षण, विकास, उपचार, सामाजिक पुनःएकीकरण और पुनर्वास के लिए बाल-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
प्रवीण शर्मा — “बाल हित से राष्ट्रहित तक, संवेदनशीलता और संरक्षण के साथ।”

📢

इस खबर को शेयर करें (Share This Story)

सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए अपने दोस्तों और WhatsApp ग्रुप्स में साझा करें

WhatsApp Facebook X / Twitter Telegram

Tanish Gupta

वरिष्ठ संवाददाता 📍 खंडवा(मध्यप्रदेश)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

« पिछली खबर (Previous)
Nihang Group Assaults Woman Cop In Amritsar As She Saves Man From Them
Nihang Group Assaults Woman Cop In Amritsar As She Saves Man From Them
अगली खबर (Next) »
Asian Games 2026 open in Nagoya with spectacular opening ceremony
Asian Games 2026 open in Nagoya with spectacular opening ceremony
WhatsApp अगली खबर →
⬇️ अगली खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें (Scroll down for next story)