*संपादक/तनिश गुप्ता*
210 बच्चों की पढ़ाई का सहारा बने 50.40 लाख।
बाल कल्याण समिति के परीक्षण के बाद मिशन वात्सल्य की स्पॉन्सरशिप राशि सीधे खातों में पहुंची।
खंडवा। आर्थिक अभाव के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए मिशन वात्सल्य की बाल स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 210 बच्चों के खातों में 50 लाख 40 हजार रुपये की सहायता राशि पहुंची है।समाजसेवी सुनील जैन ने
बताया की महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत पात्रता संबंधी प्रकरणों का बाल कल्याण समिति ने परीक्षण किया, जिसके बाद राशि सीधे बच्चों के बैंक खातों में अंतरित की गई।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा, “बाल हित से राष्ट्रहित—किसी बच्चे की शिक्षा आर्थिक परिस्थितियों के कारण नहीं रुकनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि बच्चों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और भविष्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और मध्यप्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) की बाल अधिकार संरक्षण व्यवस्था की भावना के अनुरूप बच्चों के हित में विभाग और बाल कल्याण समिति के बीच समन्वय से कार्य किया जा रहा है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया की प्रकरणों की प्रक्रिया में जिला कार्यक्रम अधिकारी रत्ना शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना अधिकारी अजय गुप्ता, पूजा राठौर, गोपाल मोरे, रूपसिंह सिसोदिया और नेहा यादव, बाल संरक्षण अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई व टीका सिंह बिल्लौरे तथा लेखपाल संतोष उपाध्याय का सहयोग रहा।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के साथ सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन और कविता पटेल बच्चों के हित, सुरक्षा एवं पुनर्वास से जुड़े प्रकरणों पर कार्य कर रहे हैं।
210 बच्चों के खातों में पहुंची 50.40 लाख रुपये की सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि शिक्षा जारी रखने और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर है।
