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भादो के प्रथम सोमवार सिद्धेश्वर महादेव बने गौरी पुत्र गणेश।

भादो के प्रथम सोमवार सिद्धेश्वर महादेव बने गौरी पुत्र गणेश।

गजानन स्वरूप में बाबा का मनमोहक श्रृंगार, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु।

खंडवा। भादो मास के प्रथम सोमवार को मेडिकल कॉलेज-प्रोफेसर कॉलोनी स्थित प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का गौरी पुत्र गणेश के स्वरूप में मनमोहक श्रृंगार किया गया। फूलों, मुकुट और आभूषणों से सजे बाबा सिद्धेश्वर की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और दिनभर मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा।
सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक सोमवार भगवान का अलग-अलग स्वरूपों में विशेष श्रृंगार करने की परंपरा है। इसी क्रम में भादो के प्रथम सोमवार पर बाबा सिद्धेश्वर को भगवान गजानन का स्वरूप दिया गया। गणेश उत्सव के आगमन से पहले शिव को गणेश स्वरूप में सजे देख श्रद्धालु भी अभिभूत नजर आए। भक्तों ने दर्शन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।
सावन-भादो की मास गणना से जुड़ी परंपरा
मंदिर में भादो मास के दौरान होने वाले विशेष श्रृंगार की परंपरा सावन-भादो की अलग-अलग मास गणना से जुड़ी है। उत्तर भारत में सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के साथ सावन मास समाप्त होकर भादो प्रारंभ माना जाता है, जबकि दक्षिण भारतीय परंपरा में अमावस्या से अमावस्या तक मास की गणना होने के कारण अमावस्या तक सावन माना जाता है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि
इसी परंपरा के चलते उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर की तर्ज पर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भी अमावस्या तक आने वाले प्रत्येक सोमवार को बाबा का अलग-अलग स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जा रहा है।
महिला श्रद्धालुओं ने की विशेष सजावट
मंदिर के पुजारी आशीष गीते एवं श्री सत्य साई समिति के जिलाध्यक्ष तरुण झवर ने बताया कि भगवान के इस विशेष श्रृंगार में महिला श्रद्धालुओं ने विशेष मेहनत और उत्साह के साथ सहभागिता की। सोनल अग्रवाल, हिमानी माहेश्वरी, वर्षा तायडे, रंजू तायडे, कविता अरोरा, सरिता माहेश्वरी, रीना राठी, बीना कुशवाह और रामेन्द्री झा सहित महिलाओं ने फूलों से मंदिर परिसर और भगवान के स्वरूप को सजाया।
फूलों से तैयार गजानन स्वरूप ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। महिलाओं की सामूहिक सेवा और सजावट ने मंदिर की झांकी को भव्य रूप प्रदान किया।
भजनों से शिवमय रहा वातावरण
मंदिर में पूरे श्रावण मास से महिला विंग द्वारा संगीतमय शिव भजनों का आयोजन किया जा रहा है। भजनों की मधुर धुन और श्रद्धालुओं के हर-हर महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है।
मंदिर प्रांगण में आगामी सोमवारों पर भी बाबा सिद्धेश्वर महादेव के विभिन्न स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। अमावस्या तक होने वाले इन श्रृंगारों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।
सिद्धेश्वर महादेव का गजानन स्वरूप श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संगम रहा—जहां शिव के रूप में गणेश के दर्शन कर श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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