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लुभावने वादों के बीच पुरानी व्यवस्थाओं के सहारे शुरू हुए निजी विद्यालय, जांच से कतरा रहा शिक्षा विभाग

लुभावने वादों के बीच पुरानी व्यवस्थाओं के सहारे शुरू हुए निजी विद्यालय, जांच से कतरा रहा शिक्षा विभाग

लुभावने वादों के बीच पुरानी व्यवस्थाओं के सहारे शुरू हुए निजी विद्यालय, जांच से कतरा रहा शिक्षा विभाग

बड़ौद आगर मालवा से संजय की रिपोर्ट

नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ क्षेत्र के कई निजी विद्यालय आकर्षक सुविधाओं और बेहतर शिक्षा के बड़े-बड़े वादों के साथ अभिभावकों को प्रवेश दिला रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है कई विद्यालय आज भी पुरानी और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं के सहारे संचालित हो रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार कई निजी विद्यालयों में न तो बच्चों के लिए पर्याप्त खेल मैदान उपलब्ध हैं और न ही अग्नि सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम कई स्कूल छोटे-छोटे कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां छात्रों की संख्या के अनुपात में मूलभूत सुविधाओं का अभाव देखा जा

रहा है। इसके बावजूद अभिभावकों से प्रवेश, वार्षिक शुल्क एवं अन्य मदों के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। इन व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा विरोध दर्ज कराते हुए निजी विद्यालयों की जांच और कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक शिक्षा विभाग की ओर से व्यापक निरीक्षण या ठोस कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा से जुड़े लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों की मान्यता, सुरक्षा व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं एवं शुल्क प्रणाली की निष्पक्ष जांच नहीं की, तो इसका सीधा असर

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विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। क्षेत्र के अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी निजी विद्यालयों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। विद्यालयों द्वारा परिवहन शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है, लेकिन कई स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा। कई वाहनों में न हेल्पर हैं, न स्कूल वाहन की पहचान, और कहीं वाहनों में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही पर प्रशासन को तत्काल ध्यान देकर कार्रवाई करनी चाहिए।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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