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राष्ट्रपति के समक्ष पहुंची निमाड़ की आवाज, विधायक छाया मोरे ने सौंपा ऐतिहासिक मांग पत्र।

राष्ट्रपति के समक्ष पहुंची निमाड़ की आवाज, विधायक छाया मोरे ने सौंपा ऐतिहासिक मांग पत्र।
खंडवा-बुरहानपुर को इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ से जोड़ने की मांग, वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बढ़ा महत्वपूर्ण कदम।

खंडवा। गुरुवार को ओंकारेश्वर प्रवास के दौरान महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पंधाना विधायक छाया मोरे ने खंडवा एवं बुरहानपुर जिलों को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ के क्षेत्राधिकार से हटाकर इंदौर खंडपीठ से जोड़े जाने संबंधी मांग पत्र सौंपा। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इसके साथ ही विधायक ने विधानसभा में उठाए गए प्रश्न, विधानसभा सचिवालय से प्राप्त उत्तर, राज्यपाल महोदय को प्रेषित आवेदन तथा राजभवन से हुई पत्राचार एवं प्रस्तावित कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी महामहिम को सौंपे।
विधायक छाया मोरे ने महामहिम को अवगत कराया कि वर्तमान में खंडवा एवं बुरहानपुर के नागरिकों को उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के लिए लगभग 500 किलोमीटर दूर जबलपुर जाना पड़ता है, जिससे आमजन को समय, धन और श्रम की अतिरिक्त हानि उठानी पड़ती है। वहीं इंदौर खंडपीठ की दूरी काफी कम होने से न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम और सुलभ हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधानसभा के पटल पर प्रश्न क्रमांक 628 के माध्यम से विषय उठाया गया था, जिस पर प्राप्त उत्तर में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51 के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति को उच्च न्यायालय की पीठ के क्षेत्राधिकार के निर्धारण का अधिकार प्राप्त होना बताया गया है। इसी आधार पर महामहिम से इस विषय में आवश्यक कार्रवाई के लिए पहल करने का आग्रह किया गया है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि विधायक छाया मौरे ने मांग पत्र में उल्लेख किया कि खंडवा और बुरहानपुर जिले के लाखों नागरिकों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों को न्याय प्राप्त करने के लिए अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है और समय की भी हानि होती है। ऐसे में इन दोनों जिलों को इंदौर खंडपीठ से जोड़ा जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर विधायक छाया मोरे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नजर आईं। उन्होंने निमाड़ अंचल और जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हुए महामहिम के समक्ष क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को प्रमुखता से रखा।
उल्लेखनीय है कि खंडवा जिला न्यायालय को इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ से जोड़ने का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है, लेकिन पहली बार यह विषय विधानसभा, राजभवन और अब राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचा है। इससे निमाड़ अंचल के लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से चली आ रही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। यदि यह मांग पूरी होती है तो खंडवा और बुरहानपुर जिले के लाखों नागरिकों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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