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लापरवाही पड़ी भारी: चालक और ट्रैक्टर मालिक दोनों दोषी करार

द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड श्रीमती ज्योति अग्रवाल की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में लापरवाही से वाहन चलाकर मौत कारित करने और बिना बीमा के ट्रैक्टर का संचालन करने वाले दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। यह फैसला क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर एक कड़ा संदेश देता है।

घटना 26 मई 2025 की है, जब दोपहर मरवाही थाना अंतर्गत ग्राम लोहारी के चलचली मोड़ के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ था। मृतक ऋषि कुमार दीक्षित अपने मोटरसाइकिल से मरवाही से अपने घर जा रहा था, तभी पीछे से आ रहे सोनालिका ट्रैक्टर (क्रमांक सीजी 10 एआर 9658) और ट्रॉली (क्रमांक सीजी 10 एयू 1028) के चालक रविशकर पाव ने उसे तेज व लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए टक्कर मार दी। चश्मदीदों और शिकायत के अनुसार, दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक ने भागने के चक्कर में जानबूझकर ट्रैक्टर का चक्का ऋषि कुमार के दाहिने भुजा और सिर पर चढ़ा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट मृतक के चचेरे भाई दानवेन्द्र प्रताप सिंह ने थाना मरवाही में दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

विचारण के दौरान यह पूरी तरह साबित हुआ कि दुर्घटना के समय रविशकर पाव ही उस ट्रैक्टर को चला रहा था। इसके साथ ही जांच में यह भी सामने आया कि घटना के वक्त उस ट्रैक्टर और ट्रॉली का कोई भी वैध बीमा पॉलिसी (इंश्योरेंस) नहीं था। वाहन के मालिक सुखलाल केंवट ने बिना बीमा कराए ही इस जोखिम भरे वाहन को सड़क पर चलने के लिए छोड़ दिया था।

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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया, जिसमें ट्रैक्टर चालक रविशंकर पाव (उम्र 27 वर्ष) को भारतीय न्याय 1संहिता (BNS), 2023 की धारा 106(1) के तहत 5 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड तथा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 146/196 के तहत न्यायालय उठने तक की सजा और 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं वाहन स्वामी सुखलाल केंवट (उम्र 73 वर्ष) को बिना बीमा के वाहन का चालन कराने के लिए मोटरयान अधिनियम की धारा 146/196 के तहत न्यायालय उठने तक की सजा और 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री कौशल सिंह ने पैरवी की।

अवैध उत्खनन और परिवहन

ये पूरा मामला अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़ा हुआ था जिसमें घटना के बात वाहन को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया था तब वहां पहुंचे तत्कालीन एसडीओपी दीपक मिश्रा ने लोगो को समझाइश देते हुए वादा किया था कि विवेचना और पुलिस के द्वारा की जाने वाली कार्यवाही में निश्चित ही चालक और मालिक के खिलाफ सजा दिलाएंगे और हुआ भी वही आखिरकार कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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