किशोर दा की समाधि एवं स्मारक को देखकर किशोर प्रेमी होते हैं खुश, लेकिन उनके पुश्तेनी मकान को देखकर उन्हे होता है काफी दुख।
जन्मदिवस और पुण्यतिथि पर ही नहीं प्रतिदिन किशोर प्रेमी और संगीत प्रेमी पहुंचते हैं समाधि पर।
खंडवा। देश भर के किशोर और संगीत प्रेमी देश के महान गायक हरफनमौला कलाकार किशोर दा के 4 अगस्त जन्म दिवस एवं उनकी पुण्यतिथि 13 अक्टूबर को खंडवा उनकी समाधि स्थल पर पहुंचकर गीतों के माध्यम से पुष्पांजलि श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच के प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि जन्मदिवस और पुण्यतिथि के साथ ही वर्ष भर किशोर प्रेमी किशोर दा की समाधि स्थल पर पहुंचकर उन्हें नमन करते हैं,गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि देते हैं, एवं उनके निवास पर पहुंचकर उन्हें याद करते हैं, लेकिन उनके निवास पर पहुंचकर उन्हें काफी दुख होता है कि हमारे गुरु हमारे भगवान किशोर दा के मकान की किस तरह दुर्दशा हो रही है, प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया की गर्व का विषय की देश के महान गायक कलाकार किशोर दा जिनके गीतों को आज भी बच्चे, युवा एवं बुजुर्ग सभी गुन गुनाते हैं,उन्होंने अपने जीवन में सभी प्रकार के गीतो को गाया, उनके सम्मान में स्मृति स्वरूप किशोर प्रेमियों की मांग पर प्रदेश की सरकार द्वारा लाखों रुपए की लागत से समाधि का निर्माण एवं उनकी यादों को सजोंने के लिए किशोर स्मारक का निर्माण भी करवाया, साथ ही आनंद नगर में किशोर दा के नाम पर किशोर नागर के साथ खंडवा में बने आटोरियम को भी किशोर दा के नाम समर्पित किया। पूरे देश से किशोर प्रेमी खंडवा आकर समाधि पर नमन कर स्मारक का भ्रमण करते हैं एवं उनके निवास पहुंचते हैं, प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कोलकाता से आए किशोर प्रेमी जयदेव लहरी जो किशोर दा को अपना गुरु, भगवान मानते हैं और उनके गीतों को गाते हैं, और अन्य 10 लोग कोलकाता से खंडवा पहुंचे,और किशोर दा की समाधि पर उन्होंने नमन किया, स्मारक एवं उनके निवास को भी देखा। कोलकाता से खंडवा पहुंचे जयदेव लहरी ने कहा कि एक ऐसा गायक कलाकार जिसने गायकी में खंडवा का नाम देश विदेश में रोशन किया, ऐसे कलाकार के पुश्तेनी मकान को सरकार अधिग्रहित कर एक संगीत का मंदिर बनाये, जहां बच्चे संगीत के माध्यम से आगे बढ़ सके, और किशोर दा जैसा नाम रोशन कर सके। कोलकाता से खंडवा पहुंचे किशोर प्रेमियों का प्रेरणा मंच के प्रवक्ता सुनील जैन ने स्वागत अभिनंदन किया।
