# आचार्यों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर हुआ मंथन

### मासांत आचार्य अभ्यास वर्ग में भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण संरक्षण एवं बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर दिया गया विशेष मार्गदर्शन
**खंडवा।** विद्या भारती मालवा प्रांत की योजनानुसार सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कल्याणगंज, खंडवा में शनिवार को खंडवा विभाग का मासांत आचार्य अभ्यास वर्ग आयोजित किया गया। इस अभ्यास वर्ग का मुख्य उद्देश्य आचार्यों के शैक्षणिक, शारीरिक एवं तकनीकी कौशल का विकास करने के साथ विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में खंडवा विभाग समन्वयक श्री मुकेश जी पाटिल ने आचार्य एवं दीदीयों का मार्गदर्शन करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व, पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त परिवेश के निर्माण तथा भैया-बहनों को संस्कारवान बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर उन्हें राष्ट्र एवं समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाना भी है।
अभ्यास वर्ग में विभिन्न विषयों पर आधारित कालांश आयोजित किए गए। शारीरिक कालांश में योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन का महत्व बताया गया। शैक्षणिक कालांश में प्रभावी शिक्षण के लिए पाठ योजना का निर्माण एवं उसके प्रस्तुतीकरण का अभ्यास कराया गया। वहीं आईसीटी कालांश में डिजिटल तकनीक के उपयोग, आकर्षक प्रेजेंटेशन तैयार करने तथा एआई टूल्स की उपयोगिता एवं उनके शैक्षणिक प्रयोग की जानकारी दी गई।
इस अभ्यास वर्ग के अंतर्गत आगामी बोर्ड परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रूप से **100 दिवसीय कार्ययोजना** तैयार की गई। इसमें बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की विषयवार तैयारी, नियमित अभ्यास एवं मूल्यांकन के साथ मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों को और बेहतर बनाने तथा अध्ययन में अपेक्षाकृत कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त तैयारी की योजना बनाई गई।
इस अवसर पर प्रांतीय खेल संयोजक एवं प्रांतीय परीक्षा संयोजक श्री सत्यनारायण जी लवंशी, श्री अशोक नरवर, बीड़ के प्राचार्य श्री नागेंद्र जी योगी ने भी आचार्य एवं दीदीयों को बोर्ड परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी, विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार तथा बेहतर परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय प्राचार्य श्रीमती शोभा तोमर सहित श्री दिलीप सपकाले, श्री राधेश्याम जी चौहान,श्रीमती वैशाली पंवार,श्री वासुदेव पवार, श्री प्रदीप कानूगो, श्रीमती शालिनी चंदेल, श्रीमती चेतना शर्मा, श्री देवेंद्र जोशी, श्री मोहन मालवीय, श्री गोपाल कृष्ण मांगरोले, श्री जय भगवती भावसार, श्री सागर सबले, श्री अजय मालाकार, श्री देवेंद्र चौरे एवं श्री प्रशांत उपाध्याय सहित विद्यालय के आचार्य एवं दीदीयां उपस्थित रहे।
समग्र रूप से यह मासांत अभ्यास वर्ग आचार्यों के ज्ञान, कौशल एवं शिक्षण दक्षता को समृद्ध करने के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता विकसित करने की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायी पहल रहा।
