*हत्या के प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास एवं ₹1,500 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया*
थाना नर्मदानगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नांदखेड़ा माफी में रास्ते से निकलने के विवाद को लेकर आरोपी बीरबल पिता दगड़िया ने अपने भाई पर्वत के साथ मारपीट कर उसे प्राणघातक चोटें पहुँचाई थीं, जिससे पर्वत की मृत्यु हो गई थी। घटना की रिपोर्ट पर थाना नर्मदानगर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई तथा अनुसंधान पूर्ण होने के उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
*न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा*
प्रकरण में पुलिस द्वारा किए गए अनुसंधान एवं साक्षियों के विधिवत कथन माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के फलस्वरूप, विचारण उपरांत माननीय न्यायालय ने आरोपी बीरबल पिता दगड़िया, निवासी ग्राम नांदखेड़ा माफी, थाना नर्मदानगर को धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं ₹1,500 के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
*प्रकरण में सराहनीय भूमिका*
उक्त प्रकरण में विवेचना अधिकारी तत्कालीन चौकी प्रभारी पुनासा उपनिरीक्षक हुकुम चौधरी, विवेचना में सहयोगी प्रधान आरक्षक जीतेन्द्र मण्डलोई एवं प्रधान आरक्षक अरविन्द बालके, पैरवीकर्ता लोक अभियोजक श्री रामसेवक वर्मा तथा कोर्ट मुंशी प्रधान आरक्षक गोपाल मालाकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
