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जिले के हजारों किसान नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी काउपयोग कर प्राप्त कर रहे हैं बेहतर फसल

जिले के हजारों किसान नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी काउपयोग कर प्राप्त कर रहे हैं बेहतर फसल

 

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सहकारी समितियों में 17 हजार नैनो यूरिया बाॅटल उपलब्ध

 

भुवनेश्वर यादव:- महासमुंद(त्रिलोक न्यूज)

महासमुंद 09 जुलाई 2026/ राज्य शासन द्वारा किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के लिए लगातार अभियान चलाकर प्रोत्साहित और जागरूक किया जा रहा है। इस क्रम में महासमुंद जिले में हजारों किसान नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को अपनाकर बेहतर फसल उत्पादन की ओर अग्रसर है। वर्तमान में जिले के 10,000 से अधिक किसान नैनो उर्वरकों का उपयोग कर फसल उत्पादन में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए आशान्वित है।

कृषि विभाग एवं इफको द्वारा जिले में किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से किसान प्रशिक्षण, खेत प्रदर्शन, ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम एवं तकनीकी मार्गदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसानों ने धान सहित अन्य फसलों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को अपनाया। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया, का सहकारी समितियों में 17000 बॉटल 500 मि.ली. भण्डारित किया गया है एवं कृषकों द्वारा 8100 बॉटल उठाव कर लिया गया है तथा नैनो डीएपी का सहकारी समितियों में 12400 बॉटल 500 मि.ली. पैकिग में भण्डारित किया गया है, जिसके विरूद्ध 9600 बॉटल का उठाव कृषकों द्वारा किया जा चुका है। समय-समय पर कृषक चौपाल एवं खरीफ कैंपेन अवेयरनेस अभियान चलाकर कृषकों को नील हरित काई, हरी खाद, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

विकासखण्ड पिथौरा के ग्राम लाल माटी के कृषक श्री गोविंद पटेल ने बताया कि उन्होंने धान की बुवाई से पूर्व बीजों का नैनो डीएपी से उपचार किया। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज में 5 एमएल नैनो डीएपी का उपयोग किया गया। इसी तरह पूर्व में नैनो उर्वरकों का उपयोग करने वाले किसानों ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की वृद्धि अधिक संतुलित एवं स्वस्थ हुई है। पौधों में पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होने से फसल की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है तथा उर्वरकों के अधिक दक्ष उपयोग में भी सहायता मिली है। इसके अलावा फसल में रोग एवं कीटों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम देखने को मिला, जिससे अतिरिक्त कीटनाशकों की आवश्यकता कम हुई और खेती लागत में कमी आई।

 

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत 71 किसानों ने तैयार किए 220 क्विंटल नील हरित खाद

 

जिले में 01 जून 2026 से 30 जून 2026 तक खेत बचाओ अभियान अंतर्गत सभी विकासखंडों में तिथि वार कृषक चौपाल, कृषक संगोष्ठी का आयोजन कर विभागीय अमलों द्वारा नील हरित काई उत्पादन हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया गया। उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले के 71 कृषकों द्वारा स्वयं से तैयार किए गए 91 टाकों में 220 क्विंटल नील हरित उत्पादन कर अपने खेतों में उपयोग कर रहे है।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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