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एग्रीस्टैक पोर्टल में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करें – कलेक्टर श्री लंगेह

एग्रीस्टैक पोर्टल में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करें – कलेक्टर श्री लंगेह

राजस्व अधिकारियों को एग्रीस्टैक बैकेटिंग एवं नजूल पट्टाधृति अधिनियम-2023 का दिया गया प्रशिक्षण

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भुवनेश्वर यादव:- महासमुंद(त्रिलोक न्यूज)

महासमुंद, 09 जुलाई 2026/ जिले के राजस्व अधिकारियों को आज आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय, रायपुर के प्रशिक्षकों द्वारा एग्रीस्टैक बैकेटिंग के संबंध में वर्चुअल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की उपस्थिति में जिले के राजस्व अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहीं एनआईसी कक्ष में नजूल पट्टाधृति अधिनियम-2023 के संबंध में भी विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के शत-प्रतिशत पात्र किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन के प्रति जागरूक किया जाए।

आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय, रायपुर के प्रशिक्षकों ने बताया कि एग्रीस्टैक भारत सरकार द्वारा विकसित कृषि क्षेत्र का एक डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट किसान आईडी प्रदान की जाती है। यह आईडी किसान के आधार, बैंक खाते तथा भूमि अभिलेखों को एकीकृत करती है, जिससे किसानों की पहचान और भूमि संबंधी जानकारी का डिजिटल सत्यापन संभव हो पाता है। प्रशिक्षकों ने बताया कि एग्रीस्टैक आईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद एवं बीज पर मिलने वाली सब्सिडी जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा सकती है। साथ ही किसानों को बार-बार खसरा-खतौनी जैसे दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं रहती, क्योंकि समस्त जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहती है। इससे बैंकों को भी किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध होती है, जिससे किसान क्रेडिट कार्ड एवं कृषि ऋण की प्रक्रिया सरल और तेज होती है। प्रशिक्षकों ने किसानों से अपने खेत एवं पहचान का एग्रीस्टैक पंजीयन निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से कराने की अपील की।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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