बुजुर्गों को मिलेगा घर जैसा सहारा, खंडवा में 16 बेड के ‘सीता राम अपना घर’ वृद्धाश्रम का शुभारंभ।

भोजन, चिकित्सा परामर्श और फिजियोथेरेपी सहित मिलेंगी सुविधाएं; सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक कंचन तनवे ने की पहल की सराहना।
खंडवा। उम्र के आखिरी पड़ाव पर अपनों के साथ और सम्मान की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में निराश्रित और जरूरतमंद बुजुर्गों को सहारा देने के उद्देश्य से शहर में ‘सीता राम अपना घर’ वृद्धाश्रम की शुरुआत की गई है। कसेरा ताम्रकार समाज और समाजसेवियों के संयुक्त प्रयासों से तैयार 16 बेड के इस सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम का विधिवत लोकार्पण किया गया।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि इस पहल में कसेरा ताम्रकार समाज के अध्यक्ष आदेश वर्मा, आनंद कुमार वर्मा, आकाश वर्मा, गोवर्धन दास वर्मा और बालाजी ग्रुप के संस्थापक एवं समाजसेवी रितेश गोयल की प्रमुख भूमिका रही।
**सिर्फ आश्रय नहीं, सम्मान के साथ जीवन देने की पहल**
आश्रम प्रबंधन की ओर से रितेश गोयल ने बताया कि वृद्धाश्रम का उद्देश्य जरूरतमंद और निराश्रित बुजुर्गों को घर जैसा पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना है। यहां बुजुर्गों के भोजन और स्वास्थ्य से लेकर उनकी दैनिक जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा। प्रत्येक निवासी को नियमित रूप से शुद्ध, सात्विक और पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। इसके साथ ही साल में दो बार नए वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
समाजसेवी सुनील जैन वर्मा परिवार को बधाई देते हुए बताया कि बुजुर्गों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए डॉक्टरों का नियमित परामर्श और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रहेगी। उम्र के साथ होने वाले जोड़ों और हाथ-पैर के दर्द से राहत दिलाने के लिए फिजियोथेरेपी एवं दर्द निवारक मशीनें भी स्थापित की गई हैं।
**जनप्रतिनिधियों ने सराहा सेवा का प्रयास**
सुनील जैन ने बताया कि वृद्धाश्रम सीताराम अपना घर लोकार्पण समारोह में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक कंचन मुकेश तनवे और जनपद पंचायत छैगांव माखन के अध्यक्ष महेंद्र सावनेर सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद बुजुर्गों को आश्रय, देखभाल और सम्मान देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस तरह के सेवा कार्य सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में आयोजक आदेश वर्मा परिवार के सदस्यों के अलावा समाजसेवी सुनील जैन, बालाजी ग्रुप के सुनील मालवीय, अर्पित पुरी, चक्रेश भावसार, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
‘सीता राम अपना घर’ के रूप में शुरू हुई यह पहल उन बुजुर्गों के लिए सहारे का केंद्र बनने की उम्मीद है, जिन्हें जीवन के इस पड़ाव पर देखभाल और अपनत्व की जरूरत है।
