अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही कार्यवाही स्थगित, भाजपा पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
14 नवंबर को होना था जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सम्मेलन, निर्वाचन आयोग के उपचुनाव कार्यक्रम के चलते संभागायुक्त ने जारी किए स्थगन के आदेश
खंडवा/
जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अब नया मोड़ आ गया है। पहले इंदौर संभागायुक्त कार्यालय द्वारा 29 अक्टूबर को पत्र जारी कर 14 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजे जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा एवं मतदान के लिए सम्मेलन की तारीख निर्धारित की गई थी। इसके लिए विधिवत पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर जिला पंचायत सदस्यों को सूचना भी जारी कर दी गई थी। लेकिन अब 5 नवंबर को संभागायुक्त कार्यालय से एक नया पत्र जारी कर अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित पूरी कार्यवाही स्थगित कर दी गई है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि संभागायुक्त एवं विहित प्राधिकारी भास्कर लाक्षाकार द्वारा जारी नए आदेश में मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के 4 नवंबर 2026 के पत्र का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार इंदौर संभाग के अंतर्गत जिला खंडवा में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वार्ड क्रमांक 1 जनपद पंचायत सदस्य एवं वार्ड क्रमांक 6 जिला पंचायत सदस्य के उपचुनाव कराए जाने हैं। इन उपचुनावों के लिए 12 नवंबर से 9 दिसंबर 2026 तक निर्वाचन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत, निर्वाचन क्षेत्र एवं वार्ड के क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है।
इसी को आधार बनाते हुए संभागायुक्त ने अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित कार्यवाही स्थगित करने के आदेश जारी किए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पंचायत निर्वाचन की समाप्ति के उपरांत अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। साथ ही सभी निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को इस संबंध में सूचित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
“कांग्रेस ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह,प्रतिभा रघुवंशी सहित जिला पंचायत सदस्यों ने क्रमशः नारायण सिंह तोमर ,राज बहादुर सिंह राठौड़, नानकराम बरवाहे और मनोज भरतकर ने अविश्वास प्रस्ताव की तारीख घोषित होने के बाद अचानक कार्यवाही स्थगित किए जाने पर भाजपा पर तंज कसते हुए सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सदस्यों का कहना है कि जब प्रशासन ने 14 नवंबर को सम्मेलन की तारीख तय कर दी थी और सभी सदस्यों को सूचना भी जारी कर दी गई थी, तो अब मतदान से ठीक पहले कार्यवाही स्थगित होने के पीछे क्या कारण हैं? क्या जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में संभावित हार को देखते हुए भाजपा ने नया पत्र जारी करवाकर सम्मेलन की प्रक्रिया रुकवा दी है?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित जिला पंचायत सदस्यों ने सवाल किया कि क्या लोकतांत्रिक प्रक्रिया में इस तरह बार-बार बदलाव करना उचित है? जब अविश्वास प्रस्ताव की विधिवत प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, तब अब इसे उपचुनाव के नाम पर आगे बढ़ाना कहीं राजनीतिक दबाव का परिणाम तो नहीं है? हालांकि, प्रशासन के आदेश में कार्यवाही स्थगित करने का आधार निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित उपचुनाव कार्यक्रम और आदर्श आचार संहिता को बताया गया है।
अब देखना होगा कि पंचायत उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई कब शुरू होती है और जिला पंचायत की राजनीति में आगे क्या नया घटनाक्रम सामने आता है।
