शराब माफिया के आगे बेबस सरकार! कांग्रेस ने घंटाघर पर किया प्रदर्शन, शराब नीति के खिलाफ उठाई आवाज
कांग्रेस नेताओं ने कहा– प्रदेश में शराब माफिया को मिल रहा राजनीतिक संरक्षण, टीआई दिलीप पुरी की हत्या को बताया कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
खंडवा/
मध्यप्रदेश की शराब नीति और प्रदेश में कथित रूप से बढ़ते शराब माफिया के प्रभाव के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को सुबह 10:30 बजे खंडवा में कांग्रेसजनों ने घंटाघर पर एकत्रित होकर प्रदेश सरकार की शराब नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए शराब माफिया पर अंकुश लगाने और अवैध शराब के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में शराब माफिया को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। इसके चलते अवैध शराब का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. मुनीश मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में शराब माफिया बुरी तरह हावी है। शिवराज सरकार के कार्यकाल से लेकर वर्तमान मोहन सरकार तक शराब माफिया का प्रभाव लगातार बढ़ा है। उन्होंने खंडवा में पदस्थ रहे कोतवाली टीआई दिलीप पुरी की शराब माफिया द्वारा वाहन से कुचलकर की गई हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि जब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया को कहीं न कहीं से संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण उसके हौसले बुलंद हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि शराब के कारण घर-घर में परिवार बर्बाद हो रहे हैं। सरकार से बार-बार शराब माफिया पर कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद समस्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। उन्होंने टीआई दिलीप पुरी के परिवार को घोषित एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के सदस्य को नौकरी देने की घोषणा को अपर्याप्त बताते हुए और अधिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे प्रदेश में शराब माफिया के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए और मध्यप्रदेश को शराब मुक्त बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमिताभ मंडलोई ने कहा कि टीआई दिलीप पुरी की हत्या की घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब वर्दीधारी पुलिस अधिकारी पर ही शराब माफिया इस तरह हमला कर सकता है तो आम नागरिकों, व्यापारियों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि विकास और अन्य गतिविधियों से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है। ऐसे मामलों में प्रशासन को सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों को ऐसी सजा देनी चाहिए, जो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों के लिए उदाहरण बने।
मंडलोई ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार लगातार फैल रहा है और जहरीली शराब से मौतों तथा लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि शराब से प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या सामने आने वाले आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है। उन्होंने शराब कारोबार को मिल रहे कथित संरक्षण की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विशाल जैन ने खातेगांव की घटना पर दुख जताते हुए टीआई दिलीप पुरी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शराब माफिया के बढ़ते प्रभाव के कारण प्रदेश में लगातार गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। जहरीली शराब और अवैध कारोबार के कारण लोगों की जान जा रही है। पुलिस अधिकारी पर हुआ हमला सीधे पुलिस प्रशासन और कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है। कांग्रेस इस घटना की कड़ी निंदा करती है और शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है।
प्रदर्शन के दौरान डॉ मुनीश मिश्रा, शांतनु दीक्षित, विशाल जैन,विकास व्यास,अजीज मदनी,अमिताभ मंडलोई,जिला प्रवक्ता प्रेमांशु जैन,श्याम यादव,आलोक सिंह रावत,डॉ चैनसिंह वर्मा,डॉ शरद हरणे,दीपक मुल्लू राठौर ,डॉ चैनसिंह वर्मा,योगेश जांगिड़, सुनील दिलावर, हुकुम मेलुन्दे,आशीष कपिल,मुन्नू बाउजी,राम वर्मा, नासिर खान, रणधीर कैथवास,देवेंद्र जैन, जगदीश चौरे,शैलेंद्र वर्मा, संदीप सोनी,राम वर्मा,वकील नीलकंठ,नासिर खान,आशीष कपिल,
सहित कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार से शराब नीति की समीक्षा करने, अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, शराब माफिया को संरक्षण देने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
