*पुष्पक एक्सप्रेस में टीटीई की सतर्कता से पकड़े गए घर से भागे दो बच्चे, आरपीएफ के सुपुर्द किया*
*आरपीएफ कंट्रोल से मिली सूचना पर टीटीई ने शुरू की तलाश, एसी कोच में मिले दोनों बच्चे, इगतपुरी स्टेशन पर पुलिस को सौंपा*
खंडवा। रेलवे में ड्यूटी के दौरान सतर्कता, जिम्मेदारी और त्वरित कार्रवाई का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। पुष्पक एक्सप्रेस में तैनात दो रेलकर्मियों की सूझबूझ और तत्परता से घर से भागे दो बच्चों को सुरक्षित तलाश कर आरपीएफ के हवाले किया गया। दोनों टीटीई ने न केवल कंट्रोल रूम से मिली सूचना को गंभीरता से लिया, बल्कि ट्रेन में सघन जांच कर बच्चों की पहचान सुनिश्चित की और उन्हें सुरक्षित पुलिस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि जानकारी के अनुसार शनिवार 31 अक्टूबर को गाड़ी संख्या 12533 पुष्पक एक्सप्रेस में कंडक्टर राजेश जायसवाल और टीटीई अनिल दामादे नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उनके पास आरपीएफ कंट्रोल से फोन आया। कंट्रोल रूम की ओर से बताया गया कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी दो बच्चे घर से लापता होकर भाग गए हैं। इनमें एक 23 वर्षीय युवक और दूसरी 17 वर्षीय किशोरी शामिल है। दोनों के मुंबई की ओर जाने की आशंका जताई गई थी।
आरपीएफ कंट्रोल ने दोनों रेलकर्मियों को बच्चों के फोटो भी मोबाइल पर भेजे और जानकारी दी कि दोनों पुष्पक एक्सप्रेस में सफर कर रहे हैं। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया कि ट्रेन में तलाश कर दोनों को सुरक्षित पकड़कर आरपीएफ के हवाले किया जाए।
*फोटो मिलते ही शुरू की तलाश, एसी कोच में मिले दोनों*
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि सूचना मिलते ही कंडक्टर राजेश जायसवाल और टीटीई अनिल दामादे ने मामले को गंभीरता से लिया। दोनों ने ट्रेन में चेकिंग के दौरान भेजे गए फोटो के आधार पर यात्रियों के बीच बच्चों की तलाश शुरू की। काफी सतर्कता से जांच करने पर दोनों बच्चे ट्रेन के एसी कोच में दिखाई दिए। फोटो से मिलान करने के बाद दोनों रेलकर्मियों ने उनकी पहचान सुनिश्चित की और तत्काल इसकी सूचना आरपीएफ कंट्रोल को दी।
*ट्रेन नासिक पार कर चुकी थी, इगतपुरी में बुलाया आरपीएफ*
दोनों बच्चों के मिलने के बाद टीटीई ने बिना देर किए कमर्शियल कंट्रोल भुसावल को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। कंट्रोल को बताया गया कि फोटो में दिखाई दे रहे दोनों बच्चे पुष्पक एक्सप्रेस के एसी कोच में मिल गए हैं। उस समय ट्रेन नासिक स्टेशन से आगे निकल चुकी थी। ऐसे में दोनों रेलकर्मियों ने समन्वय बनाते हुए इगतपुरी स्टेशन पर आरपीएफ की टीम भेजने का आग्रह किया, ताकि बच्चों को ट्रेन से सुरक्षित उतारकर पुलिस के सुपुर्द किया जा सके।
सूचना मिलने पर इगतपुरी स्टेशन पर आरपीएफ की टीम पहुंची। ट्रेन के वहां पहुंचने पर कंडक्टर राजेश जायसवाल और टीटीई अनिल दामादे ने दोनों बच्चों को आरपीएफ के हवाले कर दिया। इस तरह समय रहते मिली सूचना, रेलकर्मियों की सतर्कता और आरपीएफ के साथ बेहतर तालमेल से दोनों बच्चों को सुरक्षित पुलिस तक पहुंचाया जा सका।
*जिम्मेदारी और सतर्कता की पेश की मिसाल*
सुनील जैन ने बताया कि बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस में तैनात दोनों रेलकर्मियों की यह कार्रवाई सराहनीय रही। यदि आरपीएफ कंट्रोल से मिली सूचना को गंभीरता से नहीं लिया जाता तो बच्चों को तलाशना मुश्किल हो सकता था। लेकिन राजेश जायसवाल और अनिल दामादे ने अपनी नियमित ड्यूटी के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी परिचय दिया। उनकी तत्परता से ट्रेन में ही बच्चों की पहचान हो गई और अगले उपयुक्त स्टेशन पर आरपीएफ को सूचना देकर उन्हें सुरक्षित सौंप दिया गया।
रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ इस तरह की मानवीय जिम्मेदारी निभाना भी महत्वपूर्ण है। दोनों टीटीई की सजगता और कार्य के प्रति समर्पण ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर लिया गया सही निर्णय किसी बड़े जोखिम को टालने में अहम भूमिका निभा सकता है।
