# दुग्ध व्यवसाय से आत्मनिर्भरता का रास्ता, 125 पशुपालकों को दिया प्रशिक्षण
**स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, दूध का संकलन बढ़ाने और सहकारी संस्थाओं से जुड़ने के बताए फायदे**
**खंडवा।** दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी बनाकर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम के अंतर्गत खंडवा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदौर दुग्ध सहकारी संघ ने खंडवा जिला सहकारी संघ के माध्यम से दुग्ध सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को स्वच्छ दूध उत्पादन, संकलन बढ़ाने और सहकारिता के लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिले की दुग्ध सहकारी संस्थाओं के करीब 125 सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक आलोक यादव थे। मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर दुग्ध सहकारी संघ के पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक एनके पगारे और इंदौर सहकारी प्रशिक्षण केंद्र के पूर्व प्राचार्य केएल राठौर उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जीपी नागवंशी और खंडवा दुग्ध सहकारी शीत केंद्र के क्षेत्रीय प्रबंधक अविनाश झारिया शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिला सहकारी संघ के प्रबंधक मनोज पालीवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। महाप्रबंधक आलोक यादव ने दुग्ध सहकारी संस्थाओं को जिला सहकारी बैंक की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।
मुख्य वक्ता एनके पगारे ने स्वच्छ दुग्ध उत्पादन की प्रक्रिया, दूध की गुणवत्ता बनाए रखने में बरती जाने वाली सावधानियों और उत्पादन बढ़ाने के तरीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दुग्ध सहकारी संस्थाओं को दूध देने से पशुपालकों को किस प्रकार लाभ मिल सकता है।
केएल राठौर ने महासंघ और राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम की योजनाओं के साथ सहकारी संस्थाओं के सदस्यों तथा संचालक मंडल के अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। उन्होंने सहकारिता के सिद्धांतों को भी विस्तार से समझाया।
अविनाश झारिया ने दुग्ध संघ की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिन सहकारी संस्थाओं में प्रतिदिन 50 लीटर से कम दूध का संकलन हो रहा है, उन्हें संकलन बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान दुग्ध सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। प्रतिभागियों को संघ की ओर से बैग और दुग्ध सहकारी संस्थाओं से संबंधित निर्देशिका वितरित की गई।
कार्यक्रम का संचालन जिला सहकारी संघ के पूर्व प्रबंधक मेहताबसिंह भदोरिया ने किया। अंत में मनोज पालीवाल ने आभार माना।
