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णमोकार महामंत्र आत्मा को कुमार्ग से हटाकर सम्यक् मार्ग की ओर अग्रसर करता है “राजवीर शास्त्री”

णमोकार महामंत्र आत्मा को कुमार्ग से हटाकर सम्यक् मार्ग की ओर अग्रसर करता है “राजवीर शास्त्री”

मंदिरों में किया जा रहा है जिनेंद्र अभिषेक,पूजन व शांतिधारा

पोरवाड़ जैन धर्मशाला में हो रही है सिद्ध चक्र मंडल विधान की पूजन, चढ़ाए जा रहे हैं अर्घ

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खंडवा/
स्वाध्याय सभा में विद्वान श्री राजवीर जी शास्त्री ने सभी बंधुओं को णमोकार महामंत्र के महात्म्य के बारे में विस्तार से समझाया और बताया कि यह मंत्र हमारे जैन समाज के लिए इतना अधिक महत्वपूर्ण क्यों है।जैन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने के लिए यह मंत्र सबसे अच्छा मंगलाचरण माना गया है, क्योंकि यह आत्मा को कुमार्ग से हटाकर सम्यक् मार्ग की ओर अग्रसर करता है
उक्त बात जैन आगम के युवा विद्वान राजवीर जी शास्त्री ने पोरवाड़ दिगम्बर जैन धर्मशाला में चौथे दिन प्रवचन माला में अत्यंत प्रेरणादायक एवं आध्यात्मिक विचार प्रस्तुत किए।शास्त्री जी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में नवकार मंत्र का निरंतर स्मरण व उच्चार करते रहना चाहिए तथा जब भी समय मिले, पूरी श्रद्धा और तन्मयता के साथ इस महामंत्र का जाप करना चाहिए।विद्वत् श्री शास्त्री ने धर्मावलंबियों को शिक्षा दी कि शास्त्रों में प्रत्येक अक्षर का अपना महत्त्व है। हमें शास्त्र पढ़ते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और अक्षरों का सही उच्चारण करना चाहिए। बिना सही उच्चारण के शास्त्रों का अर्थ समझ में नहीं आएगा। तभी हम उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उपयोग कर सकते हैं। अतः पहले हमें शास्त्रों को शुद्ध रूप से पढ़ना चाहिए, फिर उसे गहराई से समझना चाहिए। तभी हम शास्त्रों का सही ढंग से पालन कर सकेंगे और जीवन में सफलता प्राप्त कर सकेंगे।
समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया की मंगलवार से नगर के जिन मंदिरों में अष्टानिका पर्व की भक्तिमय शुरुआत हो गयी है। अष्टान्हिका पर्व आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक मनाये जाने आठ दिवसीय इस पर्व के दौरान प्रतिदिन सभी जैन मंदिरों में भगवान का जलाभिषेक,शांतिधारा एवम पंडित निखलेश जैन के निर्देशन में सिद्धचक्र मंडल विधान की पूजन एवम विधान आदि कार्यक्रम हो रहे है।महिला पुरुषों उपवास,एकाशन आदि रखकर संयम व्रत का पालन भी कर रहें है।पर्व के मुख्य कार्यक्रम सराफा स्थित पोरवाड़ जैन धर्मशाला में सम्पन्न हो रहे है।
पोरवाड़ जैन समाज के मीडिया प्रभारी प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व के चौथे दिवस शांतिधारा करने का सौभाग्य गौरव कुमार सौरभ कुमार टीकमचंद बड़जात्या परिवार ने प्राप्त किया।इस अवसर पर कमलचंद जैन अत्तर,वीरेंद्र भटयांण,संतोष बॉस,दिनेश जैन,राजेश जैन,नितिन जैन,अतुल जैन,पंकज जैन, रविन्द्र जैन,सुधांशु चौधरी,संकल्प जैन,तरुण जैन,प्रेमांशु चौधरी,सुनील जैन,डॉ राजीव जैन,अपूर्व जैन, प्रेमांशु जैन अधिवक्ता, रूपांशु चौधरी,अनिकेत जैन, आदि समाजजन उपस्थित थे।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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