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साधना का नाम ही भक्ति है, ,,लक्ष्मीभूषण माताजी,,

साधना का नाम ही भक्ति है, ,,लक्ष्मीभूषण माताजी,,

मुनिसुव्रतनाथ विधान के साथ चांदी के प्रातिहार्य और मंगल द्रव्य की स्थापना हुई।

खंडवा। जैन धर्म मे भगवान की भक्ति का अर्थ किसी चमत्कार की उम्मीद करना नहीं बल्कि स्वयं के भीतर छिपे हुए भगवान (पूर्ण शुद्ध आत्मा ) को जागृत करना है।दिगम्बर जैन संत हमेशा ही हमे यह याद दिलाते हैं कि भगवान की सच्ची भक्ति हमे सांसारिक मोह माया से निकालकर मोक्ष के मार्ग पर ले जाती है।कहा जाता है कि पंचम काल मे मोक्ष प्राप्ति संभव नहीं है लेकिन यह सत्य है कि मोक्ष का मार्ग सबके लिए समान रूप से खुला हुआ हें, यह उदगार विद्याभूषण आचार्य सन्मति सागर जी की सुशिष्या आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ने नवकार नगर स्थित जैन मंदिर में मुनिसुव्रतनाथ मण्डल विधान की पूजन के अवसर पर कही। माताजी ने कहा कि भक्ति का मतलब सिर्फ मन्दिर जाना,माला जपना,जोर जोर से बोलकर पूजन करना नहीं है।असली भक्ति तो साधना है।भगवान के गुणों का स्मरण और अनुवादन करके अपने मन और चरित्र को पवित्र बनाने का पुरुषार्थ करना सच्ची भक्ति है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि पूज्य माताजी विगत एक सप्ताह से नवकार नगर संत निवास में विराजमान होकर धर्म प्रभावना कर रही है।रविवार को माताजी के सानिध्य में मुनिसुव्रतनाथ विधान का आयोजन किया गया। जिसमें सौधर्म इंद्र इंद्राणी बनने का अवसर रेखा जी महेश जैन को मिला।मण्डल जी चार दिशाओं में मंगल कलश विराजमान रश्मि जैन,अरुणा पाटनी, कनक पाटनी और अंजली छाबड़ा ने किये।रुचि दिलीप जैन ने जिनवाणी को विराजमान किया।माधुरी अक्षय जैन ने अखण्ड ज्योत की स्थापना की। ट्रस्टी सुलभ सेठी ने बताया कि विधान के इस अवसर पर माताजी और संघस्थ ब्र.रिम्पी दीदी/उषा दीदी की प्रेरणा से मूलनायक श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान की वेदी पर साधर्मी भक्तों के सहयोग से चांदी के आठ प्रातिहार्य और आठ मंगल द्रव्य स्थापित किये गये।साथ ही भक्तों ने रजत भामण्डल के लिये भी अपनी चंचला लक्ष्मी का दान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। समाज के सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि संगीतमय विधान में 108 अर्घ्य समर्पित किये गये।माताजी के मुखारविन्द से वाचित शांतिधारा करने का अवसर प्रकाशचन्द जैन,पवन पाटनी, अतुल जैन को मिला।आहारदान का पुण्यार्जन पवन प्रतीक गदिया ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में चंदाबाई कासलीवाल,ममता वन्दना कासलीवाल, विजय सेठी,अविनाश जैन,अतुल जैन,विलास साखरे,पंकज छाबड़ा,अजय पाटनी,राजेन्द्र छाबड़ा,सुभाष सेठी आदि समाजजन उपस्थित थे।आयोजन की सानन्द संपन्नता पर प्रभावना स्वरूप स्वल्पाहार कराया गया।

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naveen dahayat

संपादकीय टीम (Editorial Team)

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।

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