सुहाग दशमी पर्व पर जैन समाज की महिलाओं ने रखा निर्जला उपवास, मंदिरों में की पूजा-अर्चना
खंडवा। सुहाग दशमी पर्व के अवसर पर जैन समाज की महिलाओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ 24 घंटे का निर्जला उपवास रखा। इस दौरान महिलाओं ने नगर के विभिन्न दिगंबर जैन मंदिरों में पहुंचकर भगवान की पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं शांतिधारा का लाभ लिया।
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को जैन धर्म में सुहाग दशमी पर्व मनाया जाता है। इसे सुगंध दशमी या सौभाग्य दशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह जैन समाज का महत्वपूर्ण पर्व एवं व्रत है, जिसमें महिलाएं विशेष श्रद्धा के साथ निर्जला उपवास करती हैं।
समाज की मंजू जैन ने बताया कि सुहाग दशमी पर्व पर खंडवा नगर की सैकड़ों महिलाओं ने 24 घंटे का निर्जला उपवास रखा। सुबह महिलाओं ने जैन मंदिरों में पहुंचकर भगवान की पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं शांतिधारा की। खंडवा के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में महिलाओं द्वारा विशेष धार्मिक आयोजन किए गए।
उन्होंने बताया कि समाज में किए जाने वाले इस उपवास में अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग किया जाता है। सुहाग दशमी का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक किया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं विशेष रूप से केसरिया, गुलाबी, लहरिया अथवा चुनरी की साड़ियां पहनकर मंदिर पहुंचती हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होती हैं।
पर्व में मंजू जैन, योगिता जैन, कल्पना जैन, अमृता जैन एवं पायल जैन सहित बड़ी संख्या में समाज की महिलाओं ने भाग लेकर उपवास एवं धार्मिक अनुष्ठान किए।
मान्यता के अनुसार यह व्रत 10 वर्षों तक किया जाता है तथा दसवें वर्ष में इसका उद्यापन किया जाता है। पर्व के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही और पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था एवं भक्ति का माहौल देखने को मिला।
सुहाग दशमी पर्व पर जैन समाज की महिलाओं ने रखा निर्जला उपवास, मंदिरों में की पूजा-अर्चना
naveen dahayat
संपादकीय टीम (Editorial Team)
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।
