*देश प्रदेश को रोशन करनेवाले विस्थापितों के जीवन में छाया अंधेरा*
खण्डवा//
*30 जून 2004 को हरसूद और उसके साथ 250 गांव के लिए अंतिम दिन था ।इसके बाद यह शहर धीरे-धीरे पानी में समाने लगा ।इसकी तस्वीरे बार-बार हमारे सामने आती है ।यह तस्वीर पुरानी जरूर है लेकिन आज भी उन दिनों की याद दिलाती है ।कई लोगों के लिए अब तो यही उजड़ती तस्वीरे सहारा है जो पूर्वजो की अपने उजड़े हुए आशियाने की और गलियों की याद दिलाती है ।700 साल पुराना यह शहर 30 जून 2004 को जल मग्न हो गया था। 30 जून 2026 में हरसूद डूबने के 22 वर्ष पूरे हो रहे हैं ।ऐसे में हम विस्थापितों को बलिदानी की जो संज्ञा दी है ।उसको शासन प्रशासन ध्यान देते हुए विस्थापितों को उनका जो हक है वो दे। इसके अंतर्गत पुनर्वास नीति का पालन करते हुए वो सारी सुविधाएं दे जिसका की पुनर्वास नीति में उल्लेख है और इसके अलावा सरदार सरोवर बांध परियोजना और ओंकारेश्वर परियोजना की तरह ही इंदिरा सागर परियोजना के विस्थापितों को स्पेशल पैकेज दिया जाए।*
*चन्द्र कुमार सांड*
*विस्थापित हरसूद*
*देश प्रदेश को रोशन करनेवाले विस्थापितों के जीवन में छाया अंधेरा*
naveen dahayat
संपादकीय टीम (Editorial Team)
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले समाचार संवाददाता।
